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पंचायती चुनाव में दोनो गुटो से आरोप प्रत्यारोप का दौर हुआ शुरु

श्री पंचायती गौशाला के चुनाव में छावनी ग्रुप और कसेरा ग्रुप में आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरु हो गया है। चुनाव स्थल को बदलने की मांग को लेकर दोनो गुटों में हुई आपसी कलह को लेकर गौशाला के अध्यक्ष को मंगलवार की सुबह अपना इस्तीफा सौंप दिया। लेकिन चुनाव प्रक्रिया पूरी होने को लेकर चुनाव अधिकारी ने इस्तीफा वापस ले लिया। वहीं नरेश कसेरा ग्रुप ने चुनाव अधिकारी के इस्तीफे का छावनी ग्रुप पर ठिकरा फोड़ा, तो वहीं छावनी ग्रुप ने कसेरा ग्रुप पर दबाव बनाकर इस्तीफा दिलाने का आरोप लगाया। श्री पंचायती गौशाला चुनाव में मतदान स्थल को लेकर गहमागहमी मंगलवार को भी जारी रही। छावनी ग्रुप लगातार मतदान स्थल को बदलवाने की मांग कर रहा है, तो वहीं कसेरा ग्रुप मतदान स्थल को यथास्थिति में रखने पर अड़ा हुआ है। दोनो गुटों की कलह को लेकर मंगलवार की सुबह चुनाव अधिकारी राजेश यादव ने अपना इस्तीफा गौशाला के अध्यक्ष को सौंप दिया। हालाकि चुनाव प्रक्रिया काफी आगे बढ़ने को लेकर चुनाव अधिकारी ने इस्तीफे को वापस ले लिया। लेकिन उसके बाद भी दोनो गुटों में आरोपों का दौर समाप्त नहीं हुआ। चुनाव अधिकारी के इस्तीफे के बाद छावनी ग्रुप के लोगों ने कसेरा ग्रुप पर दबाव बनाकर इस्तीफा दिलाने का ठिकरा फोड़ा, तो वहीं कसेरा ग्रुप के लोगों ने छावनी ग्रुप द्वारा चुनाव अधिकारी से अभद्रता करने को लेकर इस्तीफे की वजह बताई। हालाकि वर्तमान कमेटी के चुनाव अधिकारी का इस्तीफा स्वीकार कर लिया था। लेकिन दो घंटे बाद ही चुनाव अधिकारी ने गौशाला में इस्तीफे को शुन्य मानकर इस्तीफा वापस लेने की घोषणा कर दी थी। चुनाव अधिकारी ने बताया कि दोनों गुटों में मतदान को लेकर कलह चल रही है। एक ग्रुप मतदान स्थल को बदलवाने की मांग कर रहा है जबकि दूसरा ग्रुप मतदान स्थल को यथास्थिति में रखने पर अड़ा है। इस कलह के कारण इस्तीफा सौंपा गया था, लेकिन चुनाव प्रक्रिया काफी आगे बढ़ने के कारण इस्तीफे का वापस ले लिया गया है। चुनाव अधिकारी ने बताया कि नामाकंन वापसी के आखिरी दिन छावनी ग्रुप के 19 नामाकंन संशोधन के लिए आए है। जबकि किसी भी ग्रुप से कोई नामाकंन वापस नहीं हुआ है। क्या बोले दोनों गुटों के लोग------नरेश कसेरा ग्रुप के नरेश अग्रवाल ने बताया कि चुनाव अधिकारी के साथ छावनी ग्रुप के लोगों ने अभद्रता की थी। जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा दिया था। जिसको स्वीकार कर सब रजिस्ट्रार को भेजकर नए चुनाव अधिकारी को नियुक्त करने की मांग की गई है। छावनी ग्रुप के अशोक छारिया ने बताया कि कसेरा ग्रुप ने चुनाव पर्यवेक्षक के निवास पर चुनाव अधिकारी को बुलाकर इस्तीफे का दबाव बनाकर इस्तीफा लिया था। जबकि चुनाव में आचार संहिता लगी होने के कारण वर्तमान कमेटी भंग है। इसलिए इस्तीफा स्वीकार नहीं कर सकती है।

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  • Web Title:Five months ago the Kasba Nivasiek student had filled the online form at Jabahar Navodaya School after he got Pachvikakasha