Hapur News: पुल के नीचे कबाड़ से ओवर फ्लो हुई काली नदी, सैकड़ों बीघा फसल जल मग्न
Hapur News: पिछले दो दिनों की बारिश और काली नदी की सफाई न होने से गांवों के खेतों में पानी भर गया है। इससे किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने जलभराव की समस्या के समाधान के लिए निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों ने काली नदी की सफाई पर जोर दिया है।

Hapur News: पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश और काली नदी की सफाई न होने के कारण नदी का पानी आसपास के गांवों के सैकड़ों बीघा खेतों में भर गया। इससे किसानों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। पीड़ित किसानों ने जिलाधिकारी से शिकायत करते हुए समस्या का समाधान कराने की गुहार लगाई है। वहीं जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मेरठ खंड के गंगा नहर के अधिशासी अभियंता को जलभराव की समस्या का समाधान कराने के निर्देश दिए हैं। पिछले दो दिनों से बारिश होने के कारण शहर के साथ साथ ग्रामीण अंचलों में रहने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गढ़ रोड पर काली नदी के पास स्थित ग्रामीण सैकड़ों बीघा खेतों में जलभराव होने से परेशान हो रहे थे। लाख प्रयास के बाद भी खेतों में आ रहा पानी बंद नहीं हो रहा है। ग्राम मलकपुर, विगास, गजालपुर, श्यामपुर, मुरादपुर निजामसर में काली नदी के पास स्थित खेतों में जलभराव हो गया है। ग्राम मलकपुर के प्रधानपति हरविंदर सिंह ने बताया कि खेतों में जलभराव होने से किसान काफी परेशान हैं। काली नदी की सफाई न होना भी खेतों में जलभराव होने का बड़ा कारण है。
पुल के नीचे बंद, सड़क के नीचे निकला पानी--
सिंचाई विभाग द्वारा काली नदी के पुल के नीचे से कबाड़ न हटाए जाने पर पानी रुक गया जिससे आसपास के गांवों के 500 बीघा से अधिक जंगल की फसल डूब गई। खेतों में करीब 3 से 4 फुट पानी भरा रहा है। पानी का ज्यादा होने से सड़़क के नीचे की जमीन कट गई और ढलान की तरफ पानी निकलने लगा है। हापुड़ गन्ना समिति के चेयरमैन कुणाल चौधरी ने बताया कि सिंचाई विभाग से बार बार मांग की जा रही थी, परंतु सफाई नहीं की गई। आज सुबह एडीएम से भी बात की गई थी।
जलभराव से परेशान ग्रामीण
खेतों में जलभराव से परेशान ग्रामीण शुक्रवार को जिलामुख्यालय पर पहुंचे और जिलाधिकारी कविना मीना से मिले। उन्होंने जिलाधिकारी को बताया कि उनके क्षेत्र में गुरुद्वारा के सामने काली नदी का पुल बना है। वह जमीन लेवल से नीचे हैं। जिससे बरसात होने पर पानी का निकास बंद हो जाता है। पानी नदी के दोनों और काफी क्षेत्र में भर गया है। जिससे उनकी मूंजी, मक्का, चारा आदि की फसलों बर्बाद हो रही थी। किसान पहले से ही परेशान हैं और अब जलभराव होने से बड़ी संख्या में किसानों को दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि काली नदी की सफाई न होने के कारण भी दिक्कत आ रही है। इसलिए काली नदी की सफाई कराकर जलभराव की समस्या का समाधान कराया जाए। जिलाधिकारी कविता मीना ने मामले को गंभीरता से लेते हुए।गंगा नहर मेरठ के अधिशासी अधिकारी को निर्देशित किया है कि काली नदी की सफाई कराते हुए खेतों में जलभराव की समस्या का समाधान कराया जाए, ताकि किसानों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। इस अवसर पर तेजवीर सिंह, गुरबीर, बब्लू, मोहित, उदयवीर समेत अनेक किसान मौजूद थे।
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सामान्य प्रश्न
लेखक के बारे में
Mulit Tyagiमुलित त्यागी पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान हापुड़ में ब्यूरो इंचार्ज पर काम कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
मुलित त्यागी भारतीय मीडिया जगत का प्रतिष्ठित नाम हैं जिन्हें पत्रकारिता में 23 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान में (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) हापुड़ ब्यूरो में इंचार्ज हैं। 2007 में गढ़मुक्तेश्वर में भूख से मौत प्रकरण में 44 दिनों तक विशेष खबरें की जिससे जरिए उन्हें पत्रकारिता में मजबूत पहचान मिली। भूख से गरीब की मौत, लखीमपुर में बाढ़ का दंश, बदायूं में दो बहनों की लाश पेड़ पर लटकाना, हापुड़ में अरबों रुपये कीमत की सेना की भूमि पर अवैध कब्जे पर बड़ी कार्रवाई जैसी खबरों का मुलित ने ब्रेक किया है।
कॅरियर का सफर
मुलित त्यागी ने अपने कॅरियर की शुरुआत 2002 में दैनिक जागरण समाचार पत्र से की। यहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2003 में अमर उजाला के साथ जुड़े। अमर उजाला में जूनियर सब एडिटर रहते गढ़मुक्तेश्वर तहसील इंचार्ज बनें। 2012 तक वहीं पर लगातार काम किया। एक जनवरी 2013 को हिन्दुस्तान बरेली में ज्वाइन किया और फिर लखीमपुर जिले में ब्यूरो इंचार्ज बनें। 24 फरवरी 2014 को बदायूं जिले में जिम्मेदारी दी गई। अक्तूबर 2014 से हापुड़ ब्यूरो की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बीएससी बायोलॉजी के साथ-साथ बीए और राजनीति विज्ञान में एमए उत्तीर्ण।
कार्य और लक्ष्य
कई मामलों में उन्होंने अनेक एक्सक्लूसिव स्टोरी ब्रेक की हैं। मुलित का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता के साथ सटीक सूचना देने पर केंद्रित है। इसी को केंद्रित करते हुए उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
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