Amroha seat will be voted tomorrow small government leaders will also be judged - अमरोहा सीट पर कल होगा मतदान, छोटी सरकार के नेताओं को भी होगा इम्तिहान DA Image

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अमरोहा सीट पर कल होगा मतदान, छोटी सरकार के नेताओं को भी होगा इम्तिहान

दूसरे चरण के महायज्ञ में आहुति देने के लिए जहां अमरोहा संसदीय सीट पर 16 लाख से अधिक मतदाता तैयार बैठे है तो वहीं रण में 10 योद्धाओं का भविष्य ईवीएम में बंद होने जा रहा है। परंतु 16 लाख मतदाताओं में से 3 लाख 36 हजार मतदाता गढ़ विधानसभा सीट पर है जिनके लिए योद्धाओं के भविष्य को लेकर छोटी सरकार के नेताओं को भी इम्तिहान से गुजरना होगा। जहां गढ़ विधानसभा चुनाव में लड़ने वाले एक दिग्गज बसपा से भाजपा के नेता बन चुके हैं तो वहीं सपा से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़े सतपाल यादव की अखिलेश यादव के समक्ष वापसी हो गई है। जबकि गढ़ भाजपा विधायक ने रिकार्ड तोड मतों से जीत हासिल की थी।आज चुनाव प्रचार बंद हो चुका है और अब नेताओं पर चुपके से घरों पर पहुंचकर मतदाताओं को मनाने का जिम्मा आ गया है। गठबंधन में सपा, बसपा और रालोद के नेताओं पर पूरी तरह जिम्मा आ चुका है जबकि भाजपा के विधायकों समेत कई दिग्गजों की दो विधानसभा में हुए चुनाव के बाद अग्नि परीक्षा होने जा रही है। अमरोहा सीट में पांच विधानसभा क्षेत्र जुड़े हुए है जिसमें चार विधानसभा क्षेत्र अमरोहा जिले से तो एक विधानसभा क्षेत्र गढ़मुक्तेश्वर है। पांचों विधानसभा क्षेत्र में 16 लाख से अधिक मतदाता 10 प्रत्याशियों को भविष्य गुरुवार को ईवीएम में बंद करने जा रहे हैं। जिसको लेकर 36 घंटे में कई दिग्गजों का मतदान से पहले सियासी इम्तिहान होना है। क्योंकि पहली बार लोकसभा चुनाव में सपा, बसपा और रालोद एक साथ है तो कांग्रेस और भाजपा के दिग्गजों ने भी ताकत झोंक रखी है। जिसमें भाजपा लगातार अमरोहा सीट पर 2004 के बाद से कब्जा करती आ रही है जिसमें एक बाद रालोद के गठबंधन से चुनाव में विजय हासिल की थी। लेकिन इस बार भाजपा, गठबंधन और कांग्रेस के बीच होने जा रहे मुकाबले में बड़े नेताओं के सामने छोटे नेताओं का भी कद तय होना है। क्योंकि अमरोहा सीट पर जहां भाजपा के दिग्गज मंत्री चेतन चौहान है वहीं गढ़ विधायक कमल मलिक के अलावा धनौरा के राजीव तरारा भी है। इसके अलावा हापुड़ के जिला पंचायत अध्यक्ष पति राजेन्द्र कुमार को भी जिम्मेदारी मिली हुई है तो गढ़ से बसपा से चुनाव लड़े पूर्व एमएलसी प्रशांत चौधरी भी अब भाजपा में है। वहीं गठबंधन की तरफ से पूर्व मंत्री मदन चौहान, निर्दलीय चुनाव लड़े सतपाल यादव के अलावा पूर्व मंत्री महबूब अली, पूर्व मंत्री कमाल अख्तर के साथ ही बसपा से गढ़ के चेयरमैन सोना सिंह भी है। कांग्रेस के लिए जहां प्रत्याशी गढ़ विधानसभा क्षेत्र के रहने वाले हैं वहीं युवा नेता मिथुन त्यागी, डॉ सुहैब, हरीश पुरुषोत्तम के अलावा हापु़ड़ पूर्व विधायक गजराज सिंह पर जिम्मेदारी है। भाजपा ने कांग्रेस नेता देवेन्द्र पधान को ले लिया है तो कांग्रेस ने भाजपा नेता सरदार राजेन्द्र को ले लिया है।सतपाय यादव की वापसी से गठबंधन में खुशी--विधानसभा के चुनाव में सतपाल यादव बागी नेता हो गए थे जिन्होंने सपा को छोड़ निर्दलीय चुनाव लड़ा था जिसमें सपा के पूर्व मंत्री मदन चौहान तीसरे नंबर पर रहे थे जबकि भाजपा के कमल मलिक ने 91 हजार 86 वोट लेकर रिकार्ड कायम कर दिया था। लेकिन लोकसभा चुनाव में सतपाल यादव की सपा में वापसी हो गई है जिसके चलते अमरोहा में हुई चुनावी सभा में खुले मंच पर सतपाल यादव का स्वागत करते हुए कहा था कि पुराने नेता वापसी आ गए हैं अब हमारी जीत सुनिश्चित है।गढ से बसपा से लड़े प्रशांत अब भाजपा नेता-दूसरी तरफ प्रशांत चौधरी ने गढ़ में बसपा से चुनाव लड़ा था जो दूसरे नंबर पर रहे थे। लेकिन वे बाद में बसपा को छोड भाजपा में शामिल हो गए थे। जिसके चलते भाजपा की प्रशांत चौधरी पर जिम्मेदारी है।शहर की सरकार में बसपा को दिलाई थी जीत--वही गढ़ नगर में चैयरमेन सोना सिंह ने भाजपा प्रत्याशी को हराकर जीत हासिल की थी। गठबंधन के लिए गढ़ चेयरमैन सोना सिंह को भी अग्निपरीक्षा से गुजरना होगा।यह रहा विधानसभा चुनाव का आंकडा--2017कमल मलिक भाजपा---91 हजार 86प्रशांत चौधरी बसपा----55792मदन चौहान सपा------48810निर्दलीय सतपाल यादव--15089

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