
रस्सी से हाथ, बोरी से चेहरा बंधा, खाली प्लॉट में लाश देख चीख पड़े बच्चे; यूपी के इस शहर में निर्मम हत्या
विपिन तिवारी की हत्या के पीछे 12 बीघे जमीन का विवाद सामने आया है। पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि ससुर के कोई लड़का नहीं था, इस पर पत्नी और बच्चों के साथ ससुराल में आकर रहने लगे। ससुर ने 12 बीघे जमीन उनके नाम कर दी। तबसे ससुर के भतीजे जमीन को कब्जाने के लिए साजिश कर रहे हैं।
यूपी के कानपुर में ट्रांसपोर्ट नगर स्थित फैक्ट्री जाने को निकले साढ़ निवासी युवक की निर्मम हत्या कर शव को बर्रा आठ में पांडु नदी के पास खाली प्लॉट में फेंक दिया गया। युवक के हाथ रस्सी से और चेहरा बोरी से बांधा गया था। चेहरे के ऊपर बड़ा सा पत्थर रखा था। बुधवार सुबह करीब आठ बजे इलाके के बच्चे प्लॉट में खेलने पहुंचे तो शव पड़ा देख बस्ती के लोगों को सूचना दी। मारे गए युवक के पिता ने आरोप लगाया है कि 12 बीघे जमीन के लिए उसकी हत्या की गई है।
कुछ ही देर में लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी, एडीसीपी साउथ योगेश कुमार, गुजैनी और बर्रा थाने का फोर्स व फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। चेहरे पर बंधी बोरी को हटाया गया तो गले में भी रस्सी से कसने के निशान मिले। जबकि सिर के पीछे भारी वस्तु से प्रहार किए जाने के कारण काफी खून फैला हुआ था।
पुलिस मृतक की शिनाख्त के लिए आसपास लोगों से पहचान करा ही रही थी कि फैक्ट्री के सुपरवाइजर अरविंद बाजपेई सोशल मीडिया में वायरल तस्वीर देखकर खोजते हुए पहुंच गए। पुलिस ने जब चेहरा दिखाया तो अरविंद ने शव की पहचान साढ़ निवासी 32 वर्षीय विपिन तिवारी उर्फ गुड्डू के रूप में की। मृतक के पिता ने अपने रिश्तेदार जरौली फेज-दो निवासी सगे भाई सुरेश शुक्ला और संतोष शुक्ला पर 12 बीघा जमीन के विवाद की वजह से हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
12 बीघे जमीन के लिए बेटे को मार डाला
साढ़ निवासी विपिन तिवारी की हत्या के पीछे 12 बीघे जमीन का विवाद सामने आया है। पिता गंगा प्रसाद ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि ससुर छेदालाल के कोई लड़का नहीं था, इस पर पत्नी रमासूती और बच्चों के साथ ससुराल में आकर रहने लगे। ससुर ने 12 बीघे जमीन उनके नाम कर दी। तबसे ससुर के भतीजे संतोष और सुरेश जमीन को कब्जाने के लिए साजिश कर रहे हैं। पहले धमका कर कब्जाने का प्रयास किया। असफल रहने पर सुरेश ने अपनी बेटी के नाम का फर्जी गोदनामा बनवाते हुए कोर्ट में वाद दाखिल कर दिया। जिसमें दावा किया कि ससुर ने उनकी बेटी को गोद लिया था। इधर डिफेंस कॉरीडोर में जमीन एक्वायर हुई और तीन बीघे खेत का 60 लाख रुपये मुआवजा मिला तो संतोष और सुरेश जल-भुन गए। इसी के चलते बेटे विपिन की हत्या कर दी।
भाई बारादेवी में मिलनाः विपिन के बड़े भाई अमित ने बताया कि विपिन और वह टीपी नगर की एक ही फैक्टरी में काम करते थे। दोनों लोग ऑटो से अपने-अपने घरों से निकलते थे, लेकिन बारादेवी में मुलाकात हो जाती थी, जहां से साथ जाते थे। मंगलवार शाम करीब साढ़े सात बजे विपिन को फोन किया तो उसने कहा कि भाई बस बारादेवी पहुंचने वाला हूं। हालांकि देर होने पर सीधे फैक्टरी आने को कहा।
जब साढ़े आठ बजे तक वह नहीं पहुंचा तो फिर फोन किया, लेकिन कॉल नहीं उठी। नौ बजे रात को सुपर वाइजर अरविंद ने फोन किया, न उठने पर विपिन की पत्नी शैलू को फोन मिलाया। उसने फैक्टरी जाने की बात कही। सुबह साढ़ थाने में सूचना की। इसी दौरान सोशल मीडिया पर भाई की कद काठी के शव मिलने की फोटो देखी तो पैरों तले जमीन खिसक गई। वहीं सीसीटीवी में पुलिस को विपिन 7 बजकर 58 मिनट पर बारादेवी चौराहे से फैक्टरी की ओर जाता हुआ दिखा है।
60 लाख रुपये मुआवजे से बढ़ा था विवाद
मूलरूप से बिधनू के रमईपुर जहानपुर निवासी गंगा प्रसाद पत्नी रमासूती व बड़े बेटे अमित और छोटे बेटे विपिन के साथ साढ़ में अपने ननिहाल में रहते हैं। बड़ा बेटा अमित शादी के बाद रमईपुर में रहने लगा जबकि विपिन, माता-पिता और पत्नी शैलू व छह वर्षीय जुड़वा बेटों रामजी व श्यामजी के साथ पिता के साथ ही रहता था। पिता गंगा प्रसाद ने बताया कि दोनों बेटे ट्रांसपोर्ट नगर स्थित पान मसाला फैक्टरी में नाइट ड्यूटी में काम करते हैं। पिता के मुताबिक ससुर छेदालाल के भतीजों सुरेश और संतोष से 12 बीघा जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इधर छह बीघा जमीन डिफेंस कॉरीडोर में एक्वायर हुई थी जिसमें तीन बीघे का 60 लाख मुआवजा मिला था। जिसके बाद विवाद और बढ़ गया। आरोप है कि इसी के चलते बेटे की हत्या हुई है।





