
चाचा ने बढ़ाकर बनाया मकान, मां-बेटे ने खाया जहर, बेटे की मौत
Hamirpur News - गुरुवार की सुबह गिरधारी सिंह और उसकी मां ने जहरीला पदार्थ खा लिया। गिरधारी ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए सुसाइड नोट लिखा। विवाद उसके पारिवारिक चाचा से था, जिसने उसके प्लाट पर दो फीट का निर्माण किया था। गिरधारी की मौत कानपुर में हुई, जबकि उसकी मां का इलाज जारी है।
हमीरपुर, संवाददाता। ‘मैं गिरधारी सिंह अपने पूरे होशो-हवास में ये कदम उठा रहा हूं, मुझे ये कदम उठाने में मजबूर करने वाला जिले का प्रशासन है। मेरी मां ने कोतवाली कुरारा व सीओ सदर को बताया व अप्लीकेशन दी, उसके बाद भी जिले के प्रशासन ने कोई कार्यवाही नहीं की..।’ ये सुसाइड नोट जहर खाने से पूर्व उस युवक ने लिखा था जिसका अपने पारिवारिक चाचा से दो फीट बढ़ाकर मकान बनाने को लेकर विवाद चल रहा था। गुरुवार को तड़के इस युवक ने अपनी मां संग जहर खाया। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद कानपुर ले जाया गया, जहां युवक की मौत हो गई।
मां का इलाज चल रहा है। कुरारा थानाक्षेत्र के रिठारी गांव निवासी कुंवर देवी पत्नी स्व.सूरज पाल सिंह तीन बेटों की मां है। रिठारी गांव में रहती हैं। लेकिन पति की मौत के बाद गांव छोड़कर हमीरपुर के चौरा देवी मोहल्ले में किराए के मकान में रहने लगी। कुंवर देवी ने अपने ही पारिवारिक देवर शिवनरेश सिंह उर्फ लालू पर उसके प्लाट में दो फीट बढ़ाकर मकान बनाने का आरोप लगाते हुए कई बार शिकायतें की थी। कुंवर देवी का पुत्र गिरधारी सिंह भी इस प्रकरण में उच्चाधिकारियों के चक्कर लगाता रहा था, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। बुधवार की रात गिरधारी सिंह ने स्वयं और अपनी मां को जहरीला पदार्थ खिला दिया, जिससे दोनों की हालत बिगड़ गई। तड़के दोनों को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया, जहां से कानपुर रेफर किया गया। कानपुर में इलाज के दौरान गिरधारी की मौत हो गई। जबकि उसकी मां की हालत गंभीर बनी हुई है। मरने से पहले गिरधारी ने डायरी में तीन पेज का सुसाइड नोट भी लिखा है, जिसमें उसने अपनी मौत का जिम्मेदार पुलिस और प्रशासन को ठहराया है। मां-बेटे ने गुरुवार को तड़के दो बजे के आसपास मिर्गी वाली दवाई खाई। जिससे गिरधारी की कानपुर में मौत हो गई है। मां का इलाज चल रहा है। गिरधारी का अपने ही पारिवारिक व्यक्ति से विवाद था। शिकायत के बाद हल्का इंचार्ज और लेखपाल ने मौके पर जाकर जांच की थी। घर के पास की जमीन पर दीवार बढ़ाकर बनाने का विवाद था। आबादी की जमीन थी। दोनों पक्ष अपना हक जता रहे थे। मामले को देखते हुए दोनों पक्षों पर निरोधात्मक कार्रवाई भी की गई थी। राजेश कमल, सीओ सदर।

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