दुल्हन की विदाई के बाद शादी वाले घर में मची चीख-पुकार, नदी की तरफ दौड़ पड़े नाते-रिश्तेदार
Hamirpur News - यूपी के हमीरपुर में शादी के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। एक व्यक्ति नदी पर नाव में सवार होकर जा रहा था। इसी दौरान नाव पलट गई जिससे कई लोग नदी के पानी में डूब गए।

Hamirpur Hadsa: यूपी के हमीरपुर में शादी वाले घर में अचानक मची चीख-पुकार ने हर किसी को झकझोर दिया। घर पर अभी नाते-रिश्तेदार मौजूद ही थे कि नदी से आई खबर ने मानों दुनिया ही ही उजाड़ दी। कुछ समय पहले जिन लोगों ने दुल्हन को हंसी-खुशी दूल्हे के साथ विदाई किया था वही लोग दहाड़े मारकर रो रहे थे। एक दिन पहले जिस घर में बारात आई हुई थी वहां अब मातम पसर चुका था। पूरा मामला कोतूपुर पटिया गांव का है। यहां के रहने वाले राजू निषाद की पुत्री की कल बारात आई थी। इसमें शामिल होने को लेकर बड़ी संख्या में नाते-रिश्तेदारों का घर में जमावड़ा था।
सवेरे दुल्हन की विदाई के बाद नाते-रिश्तेदार राजू की यमुना नदी में लगी सब्जी की बारी में खरबूजा खाने को पहुंच गए। जिस नाव से नदी पार की गई वो पुरानी और छोटे साइज की थी। जिसमें क्षमता से अधिक लोग सवार हो गए। नाव डूबने की खबर जैसे ही शादी वाले घर पहुंची वैसे ही कोहराम मच गया। खरबूजा खाने के बाद वापसी में भी नाव में करीब 10 लोग सवार हो गए। इनमें पांच से लेकर 11 साल तक के बच्चों की संख्या ज्यादा थी। नाव जब नदी के बीचों बीच पहुंची तो उसका संतुलन बिगड़ गया और देखते ही देखते नाव नदी की गहराई में समा गई। जिसके बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। शाम का वक्त होने की वजह से इक्का-दुक्का लोगों की नदी की तरफ आवाजाही थी। जब तक खबर गांव पहुंची, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
लापता लोगों की खोज
खबर मिलते ही राजू के घर के लोग घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े और चीख-पुकार मच गई। तब तक नदी से तैरकर विष्णु, रिंकू, पारुल सहित चार बच्चे निकल आए थे। जबकि छह लोग 9 वर्षीय रानी पत्नी बच्चन निषाद, 9 वर्षीय आकांक्षा पुत्री रामहेत निवासी जलाला, 25 वर्षीय ब्रजरानी पत्नी पप्पू निवासी मनकी, पांच वर्षीय लव्यांश पुत्री विष्णु निवासी मनकी, पांच वर्षीय गोरेलाल पुत्र महेश, 11 वर्षीय आदित्य पुत्र महेश लापता हो गए। अंधेरा होने की वजह से खोजबीन कार्य प्रभावित है। शादी वाले घर में भी कोहराम मचा हुआ है।
धीरू ने बचाई दो लोगों की जान
नदी में डूबते जो लोगों की जान 14 वर्षीय धीरू ने बचाई। धीरू भी राजू निषाद के परिवार का है। धीरू में नदी में गांव की तरफ खड़ा था, उसी के सामने अचानक नाव डूब गई। चीख-पुकार सुनकर धीरू ने नदी में छलांग लगा दी। धीरू ने नदी में डूबते दो बच्चों को बचाकर सुरक्षित बाहर निकाल लाया। बड़ी संख्या में लोगों को अपनी आंखों के सामने डूबते देख धीरू गहरे सदमे में डूबा हुआ है। कुछ बताने की स्थिति में नहीं है।
सामान्य प्रश्न
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
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लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
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पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
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उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।
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