कृष्ण-सुदामा की मित्रता की कथा सुन भावविभोर हुए श्रोता
फोटो नंबर 14- कृष्ण-सुदामा मित्रता का मंचन करते कलाकार। मुस्करा, संवाददाता। क्षेत्र के चंदौरा गांव में चल रही साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन

मुस्करा, संवाददाता। क्षेत्र के चंदौरा गांव में चल रही साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन पंडाल में भारी भीड़ हुई। आखिरी दिन कृष्ण-सुदामा की कथा सुनाकर कथावाचक ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। गांव निवासी रामस्वरूप त्रिपाठी एवं श्याम भाई के आवास पर चल रही कथा में वृंदावन धाम से पधारे सुप्रसिद्ध कथाव्यास शास्त्री योगेंद्र तिवारी ने व्यासपीठ से बोलते हुए कहा कि भागवत महापुराण श्रवण करने से जीव को सद्गति प्राप्त होती है। उन्होंने कहा श्रीमद्भागवत कथा का मुख्य उद्देश्य संसार के समस्त प्राणियों में प्रेम का संदेश देना और समाज में धर्म की स्थापना करना है। कथावाचक ने भगवान श्री कृष्ण की दिव्य बाल लीलाओं और कृष्ण सुदामा की मित्रता का वृतांत बड़े ही मार्मिक ढंग से सुनाया। इस धार्मिक आयोजन में चंदौरा गांव सहित आस-पास के दर्जनों गांवों से आए हजारों की संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया。
धर्म की स्थापना का संदेश देता है श्रीकृष्ण का जीवन
हमीरपुर। पौथिया गांव स्थित बाबा ध्यानीदास आश्रम परिसर में विष्णु महायज्ञ के दूसरे दिन चल रही भागवत कथा में कानपुर से आए आशीष राघव द्विवेदी ने भगवान श्री कृष्ण की विभिन्न लीलाओं का भाव पूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन प्रेम, करुणा और धर्म की स्थापना का संदेश देता है।
हिम्मत बाबा समाधि स्थल पर उमड़े श्रद्धालु
भरुआ सुमेरपुर। क्षेत्र के इंगोहटा में आस्था का केंद्र हिम्मत बाबा समाधि स्थल पर आयोजित यज्ञ और श्रीमद्भागवत कथा से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा है। यहां इन दिनों भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की अलौकिक त्रिवेणी बह रही है। श्रद्धालु दिन में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर धर्म लाभ अर्जित कर रहे हैं, जबकि रात्रि में आयोजित भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
मेरापुर में हुआ कलश यात्रा का स्वागत
हमीरपुर। शांति कुंज की दिव्य ज्योति कलश रथ यात्रा का मेरापुर में स्वागत किया गया। इस मौके पर जिला सहसंयोजक डॉ.लक्ष्मण लाल त्रिपाठी ने परिवार समाज व राष्ट्र निर्माण के लिए युवा शक्ति को प्रेरणा प्रदान की। कलश यात्रा प्रभारी पं.उमेश शुक्ला ने गायत्री महाविद्या के वैज्ञानिक स्वरूप की व्याख्या करते हुए इसे गायत्री गंगा गीता गौ एवं गुरु को भारतीय संस्कृति का आधार स्तंभ बताया। महिला मंडल संयोजक कामिनी ने यज्ञ का संचालन करते हुए नारी शक्ति जागरण का आह्वान किया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कृपया अपने अनुभव को रेट करें
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


