
सर्दी का हमला, जुकाम-खांसी और निमोनिया से जकड़े बच्चे
Hamirpur News - हमीरपुर में मौसम के कारण बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। हाईग्रेड बुखार और निमोनिया के मामले बढ़ रहे हैं। सोमवार को एक चार साल के बच्चे को कानपुर रेफर किया गया है। ओपीडी में मरीजों की संख्या कम हुई है, लेकिन गंभीर मामलों की संख्या बढ़ रही है।
फोटो नंबर 26- सोमवार की सुबह कोहरे के बीच हाईवे पर चलता रहा ट्रैफिक। 27- जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती बाल रोगी। हाईग्रेड फीवर के साथ झटका आने की वजह से मासूम कानपुर रेफर फिलहाल मरीजों की संख्या घटी, लेकिन जो पहुंच रहे हैं उनमें ज्यादातर गंभीर हमीरपुर, संवाददाता। मौसम का असर बच्चों और बूढ़ों की सेहत पर बुरा असर डालने लगा है। बच्चों में सर्दी-जुकाम, हाईग्रेड बुखार के साथ ही निमोनिया के केस मिलने लगे हैं। सोमवार को हाईग्रेड फीवर के साथ ही झटका आने की शिकायत पर चार साल के बच्चे को कानपुर रेफर किया गया है।
हालांकि ओपीडी में मरीजों की संख्या कम हुई है, लेकिन जो भी पहुंच रहे हैं, उनमें ज्यादातर गंभीर रूप से बीमार हैं। सोमवार को न्यूनतम तापमान कल के बराबर 8.02 और अधिकतम 17.02 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। लगातार कई दिनों से कोहरे और धुंध की वजह से ठीक से धूप नहीं निकली है। सर्द हवाओं के बहने से तापमान भी लुढ़का है। दिन में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। स्कूलों में भी बच्चों की संख्या घटनी शुरू हो गई है। इस सबके बीच मासूम बच्चों को मौसम की मार ने जकड़ रखा है। बीमार होने वालों में बच्चों की संख्या बढ़ रही है। इन्हें भी सर्दी, जुकाम और बुखार की शिकायत है। कुछ बच्चों में निमोनिया के लक्षण भी मिल रहे हैं। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.आशुतोष निरंजन ने बताया कि सोमवार को एक साल के बच्चे को कानपुर रेफर किया गया। बच्चा हाईग्रेड फीवर से ग्रसित था और उसे झटके भी आ रहे थे। प्लेटलेट्स भी कम थी, जबकि डेंगू की रिपोर्ट निगेटिव थी। बच्चे को यहां रखने में रिस्क था। उन्होंने बताया कि इस मौसम में बच्चों को सर्दी की वजह से ही दिक्कतें हो रही हैं। हाईग्रेड फीवर के केस भी आ रहे हैं। सर्दी, जुकाम और बुखार से जुड़े बाल रोगियों के आने का सिलसिला भी जारी है। चिल्ड्रेन वार्ड भी बाल रोगियों से भरा हुआ है। तीसरे दिन दिखे सूर्यदेव, धूप बेदम पिछले 55 घंटे के बाद सोमवार को दोपहर में सूर्यदेव के दर्शन जरूर हुए, लेकिन गलन के सामने उनकी तपिश का एहसास नहीं हो सका और लोग सूर्यदेव के दर्शन देने के बाद भी अलाव का सहारा लिए रहे। सर्दी और कोहरे का सितम लगातार जारी है। शनिवार एवं रविवार को सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए, इससे लोग परेशान रहे। सोमवार को दोपहर बाद सूर्यदेव बादलों की ओट से बाहर निकले जरूर लेकिन गलन के सामने उनकी तपिश फीकी थी। धूप का जरा भी आभास लोगों को नहीं हुआ और लोग दिन में भी ठंड से बचाव के लिए अलाव का सहारा लिए रहे। बगैर बारिश के लगातार पड़ रहे कोहरे से दलहनी-तिलहनी फसलों की सेहत खराब हो रही है। इससे किसान परेशान है। पालिका के 21 अलावों का दावा, पड़ताल में निकला फर्जी मौदहा। स्थानीय नगर पालिका प्रशासन सुबह-शाम कस्बे के 21 स्थानों पर अलाव जलवाए जाने का दावा कर रही है, मगर हकीकत में कहीं अलाव नहीं दिख रहे हैं। सोमवार सुबह नौ बजे शहर के रोडवेज परिसर, रेलवे स्टेशन और अस्पताल में नगर पालिका की ओर से जलवाए जाने वाले अलाव की पड़ताल की गई तो इन अति व्यस्त स्थानों पर कहीं भी पालिका का अलाव नजर नहीं आया। जिला अस्पताल में दो-तीन मरीज चौकी के समीप कुछ लकड़ी बटोरकर आग जलाकर हाथ सेंकते नजर आए। रेलवे स्टेशन के बाहर भी अलाव नहीं मिला। कमोवेश यही स्थिति रोडवेज बस स्टैंड परिसर की भी रही। शहर के मलीकुआं चौराहा, बड़ा चौराहा, थाना चौराहा, बांदा बस स्टैंड, तहसील परिसर, ब्लाक परिसर, रेलवे स्टेशन के अलावा अन्य स्थानों पर भी पालिका और प्रशासन के अलाव जलते नहीं मिले। इस संबंध में ईओ सीमा तोमर से फोन पर संपर्क किया तो उनका फोन ही रिसीव नहीं हुआ।

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