Hamirpur News: रोडवेज में यात्री सुविधाएं बेहाल, ऊबड़-खाबड़ परिसर में चलना मुश्किल
Hamirpur News: राठ में रोडवेज परिसर बारिश में तालाब बन गया है। यात्रियों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। केवल एक टीनशैड है, जबकि बसों का आना-जाना लगातार होता है। कई वर्षों से बस स्टेशन के कायाकल्प के लिए कोशिशें की जा रही हैं। विभागीय अधिकारी जल्द काम शुरू होने का आश्वासन दे रहे हैं।

Hamirpur News: राठ, संवाददाता। रोडवेज परिसर जरा सी बारिश में तालाब बन गया है। एक टीनशैड के अलावा यात्रियों को कोई व्यवस्था नहीं है। उनके पीने के पानी से लेकर ऊबड़-खाबड़ परिसर से सामना करना पड़ता है। डिपो के अंदर से बसें भी डांवाडोल कर आती हैं। राठ वाले बरसों से रोडवेज के कायाकल्प की आस लगाए बैठे हैं। जबकि आठ साल पहले यूपी सरकार द्वारा राठ बस स्टेशन टर्मिनल की सूची में आया था। जनपद का सर्वाधिक आय देने वाला राठ डिपो है। यहां पर रोज ही 100 से अधिक बसों का आना-जाना रहता है। हजारों की संख्या में यात्री यात्रा करते हैं। राठ डिपो के पास भी तकरीबन 105 बसें हैं। जो दिल्ली, लखनऊ, झांसी जैसे बड़े रूट पर संचालित होती हैं। हजारों की संख्या में आने वाले यात्रियों के लिए रोडवेज में कोई भी सुविधा नहीं है। एक टीनशैड के अलावा कहीं भी यात्रियों को बैठने की व्यवस्था नहीं है। टीनशैड के नीचे कई बसें खड़ी रहती हैं और सीमेंट की बनी पट्टियों पर लोग बैठने को मजबूर होते हैं। इस स्थान के अलावा परिसर में कहीं भी यात्री सही तरीके से बैठ नहीं सकते।
सुविधाओं की कमी
भीषण गर्मी में यात्रियों के लिए पानी की व्यवस्था के लिए फ्रीजर लगा हुआ है। लेकिन कीचड़ इतना की खड़ा होना भी मुश्किल होता है। मामूली बारिश में परिसर तालाब बना हुआ है और बड़े-बड़े गड्ढे में तब्दील हो गया है। बारिश का पानी भर होने से लोग बसों में चढ़ने के लिए भी परेशान होते हैं। बरसों से रोडवेज डिपो की हालत खराब है। लेकिन कोई भी अधिकारी ने इस और ध्यान नहीं दिया। शौचालय ऐसा की कोई भी जाना पसंद नहीं करता। तकरीबन आठ साल पहले राठ बस स्टैंड टर्मिनल की सूची में आया था। जिसमें कार्यशाला और बस स्टैंड का पुननिर्माण किया जाना था। राठवासी आज कभी उम्मीद लगाए हुए हैं। कार्यशाला का निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन परिसर का लोगों को निर्माण कार्य का इंतजार है।
निर्माण कार्य की स्थिति
कोट
रोडवेज परिसर का काम हमारे स्तर का नहीं है। वैसे भी टेंडर हो गया है। जल्द काम शुरू होगा। पेयजल स्थल पर ईंटें रखवा दी है। अब यात्रियों को खड़े होने की दिक्कत नहीं है। डिपो में एक अनुबंध सहित कुल 103 बसें हैं।
निखिल वर्मा, एआरएम, राठ डिपो।


