
रहस्य बन गई दो महिलाओं की हत्या, थानाध्यक्ष बदले
Hamirpur News - हमीरपुर के जरिया थाना के थानाध्यक्ष मयंक सिंह चंदेल को दो हत्याओं के मामले में असफलता के बाद हटा दिया गया है। एक हत्या दो माह पहले शीलारानी उर्फ ललिता की थी, जबकि दूसरी हत्या बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर एक युवती की हुई थी। इस मामले में एसपी ने चार अधिकारियों का स्थानांतरण किया है।
हमीरपुर, संवाददाता। थाना जरिया के बौखर गांव में दो माह पूर्व डिप्टी जेलर की चाची शीलारानी उर्फ ललिता की हत्या और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे में हत्या करके फेंकी गई युवती के मामले की गुत्थी सुलझाने में नाकाम रहे थानाध्यक्ष जरिया को एसपी ने हटा दिया है। अब उन्हें चिकासी थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दो और निरीक्षकों को इधर से उधर किया गया है। एसपी डॉ.दीक्षा शर्मा ने शनिवार को दो निरीक्षक व दो थानाध्यक्षों को इधर से उधर किया है। अभी तक अपराध शाखा में रहे निरीक्षक आशुतोष कुमार सिंह को मझगवां का प्रभारी निरीक्षक पद पर तैनात किया है।
जबकि मझगवां में रहे निरीक्षक दिनेश पांडेय अब थाना जरिया के प्रभारी निरीक्षक होंगे। यहां तैनात रहे उपनिरीक्षक मयंक चंदेल को थानाध्यक्ष चिकासी के पद पर भेजा गया है। जबकि पुलिस लाइन्स से उपनिरीक्षक अजीत सिंह की थानाध्यक्ष जलालपुर के पद पर तैनाती की है। दो माह गुजरे, नहीं हुआ डिप्टी जेलर की चाची की हत्या का खुलासा थानाध्यक्ष जरिया रहे मयंक सिंह चंदेल के क्षेत्र में दो ऐसी हत्याएं हुई हैं, जिनकी गुत्थी महीनों गुजरने के बावजूद नहीं सुलझ पाई है। इनमें से एक हत्या दो माह पूर्व 20/21 सितंबर की रात बौखर गांव में घटित हुई। ललितपुर में डिप्टी जेलर के पद पर तैनात रहे प्रिंस राजपूत की चाची और गांव के सामुदायिक शौचालय में केयर टेकर शीलारानी उर्फ ललिता की हत्या कर दी गई। ललिता का शव उसी के घर में 21 सितंबर को मिला था। बेरहमी से गला घोंटकर हत्या की गई थी। इस हत्याकांड के खुलासे को लेकर मृतका के परिजनों ने बीती 19 नवंबर को सरीला में कैंडल मार्च भी निकाला था। इससे पूर्व उन्होंने गांव से पलायन का पर्चा भी दरवाजे लगा दिया था। घटना वाले दिन मृतका के पति नंदराम राजपूत चित्रकूट दर्शन करने गए थे। एक्सप्रेस-वे पर मिली युवती की लाश भी बन गई पहेली बीती सात जून को जरिया थानाक्षेत्र के बीरा-कछवा लिंक मार्ग के पास बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के नीचे पानी से भरे गड्ढे में एक 25 वर्षीय युवती का शव औंधे मुंह पड़ा मिला था। युवती ने नीली जींस और पीली टी-शर्ट पहन रखी थी। जेब में गुटखा की पुड़िया मिली थी। लेकिन न कोई पहचान पत्र था न ही मोबाइल। शव की शिनाख्त को लेकर पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रचार किया। दूसरे दिन मुस्करा थानाक्षेत्र के बिहूंनी गांव निवासी मलखान प्रजापति ने शव को अपनी बेटी शिवानी प्रजापति के रूप में पहचान की और पोस्टमार्टम के बाद शव का विधिवत अंतिम संस्कार भी कर दिया। गांव के ही पिता-पुत्र पर पुत्री के अपहरण, हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप लगाए थे। बाद में पुलिस ने शिवानी को जिंदा बरामद कर लिया था। लेकिन मारी गई युवती के शव की आजतक शिनाख्त नहीं हो सकी।

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