
साहब कर रहे समय का पालन, अधीनस्थ बेलगाम
Hamirpur News - हमीरपुर और महोबा में विकास भवनों के अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर हाजिरी में सुधार नहीं हो रहा है। कई कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे जनता को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। विकास भवन का निरीक्षण करने पर इस स्थिति की पोल खुल गई।
हमीरपुर/महोबा, संवाददाता। शहर से पांच किमी दूर कुछेछा में जनपद के विकास की धुरी विकास भवन में अधिकारियों-कर्मचारियों के समय से अपने पटल पर हाजिर होने की आदत में सुधार नहीं हो रहा है। मुख्य विकास अधिकारी स्वयं तो समय से उपस्थित हो रहे हैं, मगर उनके अधीनस्थों में समय को लेकर पाबंदी नहीं दिख रही है। आलम तो यह है कि कुछ अधिकारी समय से पहुंच रहे हैं और उनके अधीनस्थ कर्मचारी देर से हाजिर हो रहे हैं। यही हाल महोबा जनपद के विकास भवन का है। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान ने सोमवार को हमीरपुर-महोबा के विकास भवनों की पड़ताल की तो समय को लेकर अधिकारियों-कर्मचारियों की पाबंदी की पोल खुल गई।
कार्यालय की चाबी की प्रतीक्षा करते मिला समाज कल्याण का लिपिक विकास भवन में समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय की अजब स्थिति देखने को मिली। यहां सुबह सवा दस बजे ताला लटका था। लिपिक रमेशचंद्र ताला खुलने की प्रतीक्षा करते मिले। उन्होंने बताया कि कल विभाग द्वारा राठ के बीएनवी मैदान में सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया है। चार सौ जोड़ों की शादी है। उसी की तैयारी को लेकर विभागीय अधिकारी और दो लिपिक राठ गए हुए। कार्यालय की दो चाबियां हैं, जो साथ गए कर्मचारी ले गए हैं। उन्होंने फोन से सूचना दी है। चाबी को किसी बस चालक को दे दिया गया है। राठ तिराहे पर कर्मचारी को भेजा गया है, जो चाबी लेकर वापस आएगा तब कार्यालय खुलेगा। विभागाध्यक्ष मुस्तैद मिले, लिपिक गायब बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी इंद्रपाल अपनी कुर्सी पर समय से पहुंच गए थे। जबकि उनके स्टाफ के तीन लिपिक सुबह 10.20 बजे तक कार्यालय नहीं पहुंचे थे। पूछने पर उन्होंने बताया कि कई बार इन कर्मियों को समय से उपस्थित होने को कहा गया है, मगर कोई सुधार नहीं हो रहा है। आज इन कर्मियों के लेटलतीफ आने पर क्या कार्रवाई करेंगे, इस संबंध में पूछने पर उन्होंने कहा कि तीनों लिपिकों को नोटिस जारी की जाएगी। जवाब संतोषजनक न मिलने पर कार्रवाई होगी। कार्यालय तो खुले, लेकिन नहीं मिले अधिकारी सुबह 10 बजकर 10 मिनट पर उपायुक्त स्वत: रोजगार का कार्यालय तो खुला था, मगर कुर्सी खाली पड़ी थी। पूछने पर पता चला कि उपायुक्त रिजवान हुसैन चिकित्सीय अवकाश पर चल रहे हैं। पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अमित सोनकर भी सामूहिक विवाह कार्यक्रम को लेकर जिला समाज कल्याण अधिकारी हिमांशु अग्रवाल के साथ राठ गए हुए थे। जिला युवा कल्याण अधिकारी राहुल के कार्यालय भी खुला, मगर वह स्वयं मौजूद नहीं थे। एक महिला लिपिक मौजूद मिली। जिन्होंने बताया कि अभी साहब नहीं आए हैं। इनके पास भी एक अन्य जनपद का कार्यभार होने की जानकारी मिली है। इसके अलावा जिला कृषि अधिकारी, कृषि रक्षा अधिकारी के कार्यालय तो खुले थे, मगर कोई भी अधिकारी अपने पटल पर मौजूद था। इन सभी की ड्यूटी फील्ड पर लगाए जाने की जानकारी मिली। मार्च 2025 से वृद्धावस्था पेंशन मिलने बंद हो गई है। आज किराया-भाड़ा खर्च करके सुबह से ही विकास भवन आ गया था कि साहब से मिलकर समस्या बताएगा, लेकिन साहब नहीं मिले। अब बिना काम कराए वापस लौटना पड़ेगा। राजकिशोर, पूर्वी तरौस बांकी तलैया, मौदहा। दो बार किसान सम्मान निधि की किस्त नहीं आ रही है। कई बार अधिकारियों से शिकायत भी की है, मगर कोई सुन नहीं रहा है। आज भी शिकायत लेकर आया था, मगर साहब नहीं मिले। अब फिर किसी दिन आना पड़ेगा। सुरेश कुमार, पंधरी कृषि विभाग से जुड़े अधिकारियों को दिन में फील्ड में रहने के आदेश हैं। अन्य कुछ अधिकारी दूसरे जिलों का भी चार्ज लिए हैं। जिसकी वजह से कई बार उनकी कुर्सियां खाली रहती हैं। वैसे सभी को समय से उपस्थित होने के आदेश हैं। फिर भी जो इन आदेशों की अनदेखी करेगा, उस पर कार्रवाई होगी। एके सिंह, मुख्य विकास अधिकारी, हमीरपुर। सहकारिता, कृषि और पंचायती राज विभाग के कर्मी मिले नदारत महोबा। सोमवार को अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यालय पहुंचने के निर्धारित समय पर हिन्दुस्तान टीम विकास भवन पहुंच गई। जहां जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में कुर्सी खाली मिली। साहब के न आने से कर्मचारी भी गायब दिखे। यही हाल सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता में देखने को मिला। अधिकारी की खाली कुर्सी 10 बजकर 30 मिनट तक साहब का इंतजार कर रही थी। खास बात यह है कि इन दिनों किसान रबी की फसलों की बुवाई के लिए परेशान हो रहे है। खाद की समस्या से जूझ रहे किसान अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराने के लिए पहुंच रहे है मगर अधिकारियों के न मिलने पर बैरंग लौट रहे है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सहित संयुक्त कार्यालय के कई पटल खाली दिख रहे थे। ऊंचाई पर स्थित विकास भवन में ग्रामीण क्षेत्रों से शिकायत लेकर जाने वाले फरियादियों को परेशानी होती है। अगर अधिकारी न मिले तो लोगों का समय और किराया भाड़ा बर्बाद जाता है। कार्यालयों में मिलने का समय नौ बजे से 11 बजे तक दर्ज होने के बाद भी अधिकारियों के न मिलने से परेशान लोग बैरंग लौट गए। शिकायत के बाद बिना जांच के हो रहा समाधान महोबा। बेलाताल क्षेत्र के सेलापुरवा गांव निवासी किसान ओमप्रकाश द्विवेदी ने बताया कि दुकानदार के द्वारा नकली बीज दिया गया, जिसकी संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराई गई। कर्मचारियों ने समाधान दिवस की शिकायत की। बिना जांच के समाधान कर दिया। जिससे परेशान होकर सीएम पोर्टल में शिकायत दर्ज कराई गई। जिसके बाद भी कर्मचारी धरातल पर जांच करने नहीं पहुंचे। एक कर्मचारी ने फोन पर शिकायत का विवरण आदि पूछा और बाद में शिकायत का निस्तारण करा दिया गया। मोबाइल पर शिकायत के निस्तारण का संदेश मिलने के बाद पह उपकृषि निदेशक के यहां तीन बार चक्कर काट चुके। अब जिला कृषि अधिकारी के कार्यालय में आए तो साहब नहीं मिले। विकास भवन में सभी विभागाध्यक्षों को समय से कार्यालय पहुंचने के निर्देश दिए गए है। समय-समय पर विकास भवन का निरीक्षण कर अधिकारियों की उपस्थिति की जांच की जाती है। इन दिनों आईएसआर सर्वे में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। सोमवार को जिला पंचायत राज अधिकारी चंद्रकिशोर वर्मा अवकाश पर है। कुछ कर्मचारियों की ड्यूटी एकता यात्रा में लगाई गई है। अगर किसी कर्मचारी के द्वारा लगातार देरी से आने की शिकायत मिलती है तो जांच कराई जाएगी। बलराम कुमार, मुख्य विकास अधिकारी महोबा।

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