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30 नवंबर, 2020|7:13|IST

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मौदहा बांध की सुमेरपुर ब्रांच सूखी हजारों एकड़ भूमि पलेवा से वंचित

मौदहा बांध की सुमेरपुर ब्रांच सूखी हजारों एकड़ भूमि पलेवा से वंचित

मौदहा बांध की सुमेरपुर ब्रांच में पानी न छोड़े जाने से आधा दर्जन गांवों के सैकड़ों किसानों की हजारों एकड़ भूमि पलेवा से वंचित है। किसानों का कहना है कि अगर समय रहते पलेवा नहीं हुआ तो उनके सामने गेहूं बोने के अलावा अन्य फसलें बोने का विकल्प नहीं होगा।

मौदहा बांध की सुमेरपुर ब्रांच की माइनर से विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत बंडा, मवई जार, बिदोखर पुरई, बिदोखर मेदनी, नदेहरा के अलावा चंदौली जार व शादीपुर मौजे के किसानों को पानी मिलता है। अक्टूबर माह गुजर जाने के बाद इस ब्रांच में पानी नहीं छोड़ा गया है। पानी न आने से सैकड़ों किसानों की हजारों एकड़ जमीन पलेवा से वंचित है। बंडा के पूर्व प्रधान संजय सिंह, किसान नेता शंकर लाल यादव, मवई जार के प्रधान महेश कुमार शिवहरे आदि लोगों ने बताया कि अगर समय रहते नहर में पानी नहीं आता है तो किसानों के हाथ से दलहन व तिलहन फसलें बोने का अवसर निकल जाएगा। केवल गेहूं बोने का विकल्प ही बचेगा। बंडा के पूर्व प्रधान ने बताया कि गत माह कुछ देर के लिए पानी छोड़ा गया था. जिससे नहर की तल्ली गीली हुई थी। एक बूंद पानी किसानों के खेतों में नहीं टपका है। उन्होंने कहा कि अगर एक सप्ताह के अंदर नहर को पूरी क्षमता के साथ नहीं चलाया गया तो जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा।

बगैर साफ-सफाई कराये लगा दिया कार्य का बोर्ड

भरुआ सुमेरपुर। माइनर की साफ सफाई के लिए विभाग ने किस कदर का घोटाला किया है। इसका नमूना आपको सुमेरपुर ब्रांच में नजर आ जाएगा। जहां बगैर साफ सफाई कराए अधिकारियों ने 10 लाख से अधिक धनराशि खर्च कराने का बोर्ड लगा दिया है। जबकि नहर आज भी झील झांकर से पटी पड़ी है। मौदहा बांध की सुमेरपुर ब्रांच की लंबाई 19.500 किलोमीटर है। इसका ज्यादातर हिस्सा पक्का है जिसमें सिल्ट सफाई का कोई मतलब ही नहीं है। इसके बाद भी विभाग ने इस माइनर की सिल्ट सफाई में 10.14 लाख खर्च होने का बोर्ड इंगोहटा छानी मार्ग किनारे बिदोखर पुरई के पास लगाया है। इस बोर्ड को देखकर साफ हो जाता है कि किस कदर से धन का दुरुपयोग किया गया है। क्योंकि नहर में कहीं भी सिल्ट सफाई का कार्य नहीं कराया गया। मौके पर नहर में बड़े-बड़े पौधे खड़े हुए हैं। खरपतवार का अंबार लगा है। कई जगहों पर खांंदी कटी हुई है। इनको दुरस्त कराने की जहमत विभाग द्वारा नहीं कराई गई है। विभाग के एक अधिकारी ने बगैर नाम बताये बताया कि यह बोर्ड गत वर्ष के कार्य का है। इस वर्ष सिल्ट सफाई नहीं कराई गई है।

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  • Web Title:Maudha Dam 39 s Sumerpur branch dry thousands of acres of land deprived of pelva