तीन सालों में 106 वाहन चोरी, दो गैंग रजिस्टर्ड
Hamirpur News - हमीरपुर में दो अंतर्राज्यीय वाहन चोर गैंग सक्रिय हैं। पिछले तीन वर्षों में एक सैकड़ा से अधिक वाहन चोरी हुए हैं, जिनमें से 50% वाहन पुलिस ने रिकवर किए हैं। सबसे ज्यादा चोरी बाइक की होती है, विशेषकर एक कंपनी की बाइकों में तकनीकी कमी के कारण।

हमीरपुर, संवाददाता।जनपद में वाहन चोरों के दो अंतर्राज्यीय गैंग सक्रिय हैं। वर्ष 2025 में दोनों गैंग प्रकाश में आए, जिन्हें पंजीकृत करने के बाद पुलिस ने इनकी निगरानी शुरू की। गैंग के सदस्य पलक झपकते ही वाहन पार कर ले जाते हैं। पिछले तीन सालों में एक सैकड़ा से अधिक वाहनों की चोरियां हुई हैं, जिनमें से पुलिस का दावा है कि पचास फीसदी से अधिक वाहन रिकवर किए गए। 2024 में तीन वाहन चोरों के गैंग पकड़े गए, जिनमें चार-चार सदस्यों की गिरफ्तारियां हुईं। भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों, अस्पताल, बाजार, बस स्टैंड, कचहरी आदि स्थानों पर बाइक चोरी की घटनाएं ज्यादा होती हैं।
सबसे ज्यादा बाइक चोरी की घटनाएं जिला अस्पताल परिसर से होती है। ओपीडी के समय पूरा परिसर बाइकों से पटा रहता है। यहां तैनात सुरक्षा कर्मी ओपीडी के समय बाइकों को अंदर आने से रोकते हैं। लेकिन जब से परिसर के बगल में पुराने भवन तोड़कर मैदान निकाला गया है, तब से ज्यादातर बाइकें यहीं खड़ी होती हैं। इसके अलावा बाहर भी गेट के पास बाइकें पार्क रहती हैं, जो चोरों के लिए सॉफ्ट टारगेट होती हैं। तीन सालों में 52 चोरी के वाहन बरामद पिछले तीन सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2023 में जनपद में कुल 44 वाहन चोरी हुए थे। जिसमें से 24 की बरामदगी हुई थी। इनमें 34 बाइकें, दो ट्रक, दो कारें और छह ई-रिक्शा जैसे वाहन थे। वर्ष 2024 में वाहन चोरी की विभिन्न थानों में 42 रिपोर्टे दर्ज हुई। इनमें पुलिस ने 20 वाहन बरामद किए। इन 42 वाहनों में 80 फीसदी बाइकें थीं। वर्ष 2025 में अब तक 20 वाहन चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। जिनमें से आठ वाहन बरामद किए गए हैं। एक कंपनी विशेष की बाइकें ज्यादा हो रही चोरी जनपद में वाहन चोरी की अधिकांश घटनाओं में 80 फीसदी बाइकों को निशाना बनाया गया है। उनमें भी एक कंपनी की बाइकें ज्यादा हैं। इन बाइकों के लॉक में तकनीकी कमी है, जिसकी वजह से चोरों के लिए इस कंपनी की बाइकों की चोरी करना आसान होता है। डुप्लीकेट चाबी से खुला तो ठीक वरना तोड़ देते हैं लॉक बाइकें चोरी करने वाले गिरोह पुराने तकनीक से ही चोरी करते हैं। पहले तो यह लॉक गाड़ी को डुप्लीकेट चाबी से खोलते हैं। अगर लॉक खुला तो ठीक है, वरना उसे आसानी से तोड़कर वाहन चोरी करते हैं। लग्जरी कारों की चोरी करने वाला कोई गैंग फिलहाल जनपद में नहीं है। कोट वर्ष 2024 में वाहन चोरों के तीन गिरोहों को पकड़ा गया था। इनमें से प्रत्येक गिरोह में चार-चार सदस्य थे। इनके पास से चोरी के वाहन भी बरामद हुए थे। इसके बाद वर्ष 2025 में वाहन चोरों के दो गैंगों को पंजीकृत किया गया है। इनमें के एक गैंग आईएस 137 और और दूसरा डी-40 हैं। दोनों गैंग अंतर्राज्यीय हैं। डॉ.दीक्षा शर्मा, एसपी।

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