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27 नवंबर, 2020|10:10|IST

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इंगोहटा-छानी मार्ग ध्वस्त सीएम की घोषणा के बाद नहीं हुई मरम्मत

इंगोहटा-छानी मार्ग ध्वस्त सीएम की घोषणा के बाद नहीं हुई मरम्मत

करोड़ों रुपए की लागत से बनकर तैयार हुआ इंगोहटा-छानी मार्ग बरसात में ओवरलोड ट्रकों के गुजरने से पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद उम्मीद जगी थी कि इस सड़क का कायाकल्प हो जाएगा। लेकिन 31 अक्टूबर की तय सीमा गुजर जाने के बाद लोगों की उम्मीदों में पानी फिर गया है और लोग इस टूटी-फूटी गड्ढा युक्त सड़क में चलने फिरने को मजबूर हैं। इंगोहटा छानी मार्ग ब्लॉक के सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में गिना जाता है। कभी यह सड़क पीडब्ल्यूडी के रिकॉर्ड में जिले की उत्तम सड़क हुआ करती थी।

वर्ष 2016-17 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर इस सड़क का निर्माण नए सिरे से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रांतीय खंड प्रथम ने करोड़ों रुपए के भारी-भरकम बजट से कराया था। 2 वर्ष में बनकर तैयार हुई इस सड़क के बन जाने से क्षेत्रवासी बेहद खुश भी थे। लेकिन उनकी यह खुशी ज्यादा दिन तक बरकरार न रह सकी। नेशनल हाईवे 34 से स्टेट हाईवे राठ-हमीरपुर मार्ग को जोड़ने वाली यह महत्वपूर्ण सड़क बरसात में ओवरलोड ट्रकों के गुजरने से बुरी तरह से ध्वस्त हो गई। 18 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर कदम कदम पर भारी-भरकम गड्ढे हैं। सड़क की खस्ता हालत के कारण चार पहिया वाहन चालक इस खतरनाक सड़क से गुजरने मे कतराने लगे हैं। यह सड़क बीहडों सहित बिवांर ललपुरा थानाक्षेत्र के करीब 3 दर्जन गांवों को सीधे नेशनल हाईवे के साथ रेल मार्ग से जोड़ती है। दिनभर इस सड़क से 3 दर्जन से ज्यादा गांवों के लोगों की आवाजाही होती है। सड़क पूरी तरह से ध्वस्त हो जाने के कारण बिवांंर से हमीरपुर तक चलने वाली बस सेवा भी ठप हो गई है। इससे लोगों को परेशानी होती है। सड़क की खस्ता हालत की कहानी क्षेत्रीय लोग पीडब्ल्यूडी से लेकर उपमुख्यमंत्री केशव मौर्या को बता चुके हैं लेकिन परिणाम ढाक के तीन पात ही है।

विगत माह मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि सूबे की सभी खस्ताहाल सड़कें प्रत्येक दशा में 31 अक्टूबर तक गड्ढा मुक्त हो जानी चाहिए। इससे लोगों के अंदर उम्मीद जगी थी कि ध्वस्त हुई इस सड़क के भी दिन बहुरेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हो सका है। आज भी यह सड़क बदहाल पड़ी हुई है। रात दिन बालू से लदे ओवरलोड ट्रक गुजरने से इसकी हालत दिन प्रतिदिन खस्ता होती जा रही है। जिम्मेदार यहां झांकने तक नहीं आ रहे हैं इससे लोगों में आक्रोश है।

बंडा के पूर्व प्रधान संजय सिंह, मवई जार के प्रधान महेश शिवहरे, धनपुरा के प्रधान मयंक निगम, छानी खुर्द के प्रधान प्रतिनिधि हरगोविंद प्रजापति ने बताया कि सड़क के ध्वस्त हो जाने से आवागमन में लोगों को तमाम कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह भारी-भरकम गड्ढे होने से लोग आए दिन बाइकों से गिरकर चुटहिल हो रहे हैं।

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  • Web Title:Ingohata-Chhani road not repaired after announcement of demolished CM