मिडिल ईस्ट की जंग ने रोकी स्क्रैप की आवक, इस्पात उद्योग पर असर

Mar 09, 2026 10:53 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, हमीरपुर
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Hamirpur News - मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का असर भरुआ सुमेरपुर के इस्पात उद्योग पर पड़ने लगा है। खाड़ी देशों से स्क्रैप की आवक कम होने से उत्पादन प्रभावित हो रहा है। तैयार माल का निर्यात भी रुक गया है, जिससे उद्योगपतियों की चिंता बढ़ गई है। अगर युद्ध लंबा चला, तो किराना वस्तुओं पर भी असर पड़ सकता है।

मिडिल ईस्ट की जंग ने रोकी स्क्रैप की आवक, इस्पात उद्योग पर असर

हमीरपुर, संवाददाता। मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग का असर औद्योगिक नगरी भरुआ सुमेरपुर में संचालित इस्पात उद्योग पर पड़ने लगा है। खाड़ी देशों से स्क्रैप की आवक घटने से फैक्ट्री का उत्पादन प्रभावित होने लगा है। इतना ही नहीं यहां का तैयार स्टील भी विदेशों में नहीं जा पा रहा है, जिससे उद्योगपतियों की चिंता बढ़नी शुरू हो गई है। उधर, ईरान से आने वाले किराना-मसाला पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। व्यापारियों का मानना है कि मिडिल ईस्ट की जंग अगर लंबी खिंची तो इसके असर से बचना मुश्किल होगा। भरुआ सुमेरपुर स्थित उद्योग नगरी में संचालित रिमझिम इस्पात फैक्ट्री की गिनती स्टील कारोबार में प्रमुखता से होती है।

इस फैक्ट्री का तैयार माल बड़ी मात्रा में विदेशों तक जाता है, लेकिन वर्तमान समय में फैक्ट्री को कच्चे माल के रूप में खाड़ी देशों से आने वाले स्क्रैप के संकट से जूझना पड़ रहा है। हालांकि अभी फैक्ट्री में स्टॉक की वजह से उत्पादन चल रहा है। दूसरी तरफ यहां का तैयार माल अभी खाड़ी के देशों में भी नहीं जा पा रहा है। इसकी वजह से प्रबंधन की चिंता बढ़ने लगी हैं।दूसरी तरफ ईरान से भारतीय बाजारों में आने वाले सूखे मेवा, किराना मसाला और खजूर को लेकर अभी यहां संकट जैसी कोई चीज नहीं है। व्यापारियों का कहना है कि फिलहाल तो किसी भी तरह के मेवे-मसालों के रेट नहीं बढ़े हैं, मगर जंग लंबी खिंचती है तो इसका असर पड़ने से कोई नहीं रोक पाएगा।स्टील आदि में उपयोग होने वाला स्क्रैप (कच्चा माल) दुबई आदि खाड़ी देशों से आता है। जंग होने से कच्चे माल की आवक रुक गई है। इससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। अगर जल्द युद्ध नहीं समाप्त हुआ तो उत्पादन पर असर पड़ सकता है। अभी स्टाक के चलते उत्पादन शुरू है, आगे संकट खड़ा होने की संभावना है। युद्ध की वजह से तैयार माल भी खाड़ी देशों में नहीं जा पा रहा है। युद्ध से निर्यात आयात दोनों में असर पड़ रहा है।मनोज कुमार गुप्ता, जनसंपर्क अधिकारी, रिमझिम इस्पात लिमिटेड, भरुआ सुमेरपुरईरान-इजरायल के मध्य चल रहे युद्ध से व्यापार में अधिक फर्क नहीं पड़ा है। फिलहाल सामान्य तौर पर वस्तुएं आ रही है। लेकिन युद्ध लंबा खिंचा तो दाम प्रभावित होंगे। फिलहाल प्लास्टिक सामान के दामों में फर्क पड़ने लगा है।केजी अग्रवाल, राठ, जिलाध्यक्ष उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल हमीरपुरखाड़ी देश में चल रहे युद्ध से फिलहाल किराना वस्तुएं प्रभावित नहीं हुई है। वही दाम, वही किराया भाड़ा और पूरी मात्रा में खरीदी जा रही है। लेकिन युद्ध अगर और अधिक दिन तक चला तो संभवत किराना वस्तुओं के दामों में वृद्धि हो सकती है और लोगों को किरण वस्तुएं अधिक दामों में खरीदनी पड़ेगी।विकास साहू, प्रभारी अध्यक्ष, किराना संघ भारतीय उद्योग व्यापार मंडल

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