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अन्ना मवेशी बने शांति व्यवस्था के लिए खतरा

अन्ना मवेशी बने शांति व्यवस्था के लिए खतरा

राठ क्षेत्र में अन्ना मवेशी आतंक का पर्याय बने हुए है। इन मवेशियों के चलते किसानों की रात की नींद हराम है। रात-रात भर जाग कर खेतों की रखवाली करनी पड़ती है। मवेशियों को भगाने के चलते किसान आपस में जूझ रहे हैं। आने वाले समय में यह मवेशियों क्षेत्र की शांति व्यवस्था के लिए बहुत बड़ा खतरा साबित होंगे।

बुंदेलखण्ड की अन्ना प्रथा ने किसानों की कमर तोड़कर रखी है। खुले में घूमते गौवंशीय मवेशियों की संख्या में प्रतिदिन बढ़ोत्तरी हो रही है। महज कुछ वर्षों में इनकी संख्या हजारों पर पहुंच गई है। सैकड़ों के झुंड में घूमते अन्ना मवेशी किसानों के लिए मुसीबत बन चुके हैं। पलक झपकते ही फसलों को चट करने में देर नहीं लगाते। इन मवेशियों को भगाने में विगत वर्ष ग्रामीणों के बीच खूनी संघर्ष भी हो चुके हैं। शासन-प्रशासन द्वारा इस पर कोई ठोस रणनीति नहीं अपनाई जा रही है। यदि अन्ना मवेशियों की समस्या पर जल्द ही कोई ठोस रणनीति नहीं बनाई गई तो आने वाले वक्त में क्षेत्र की शांति व्यवस्था के लिए यह अन्ना मवेशी सबसे बड़ा खतरा साबित होंगे।

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  • Web Title:Hazard threat to peace arrangements made by Anna