सहकारी समितियों से डीएपी नदारद, किसान परेशान
Hamirpur News - भरुआ सुमेरपुर में किसानों को डीएपी खाद की कमी का सामना करना पड़ रहा है। सहकारी समितियों से एनपीके खाद दी जा रही है, जबकि किसान डीएपी को प्राथमिकता देते हैं। इससे किसान महंगे दामों पर बाजार से खाद...

भरुआ सुमेरपुर। कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित क्षेत्रीय सहकारी समितियों से डीएपी खाद नदारत होने से किसान परेशान है। किसानों को डीएपी की जगह एनपीके थमाई जा रही है जबकि किसानों की पहली पसंद डीएपी है। सहकारी समितियों से डीएपी गायब होने के कारण किसान महंगे दामों में बाजार से खरीदकर बुवाई करने को मजबूर है। कस्बे के क्षेत्रीय सहकारी समिति के अलावा क्रय विक्रय सहकारी समिति, पीसीएफ किसान सेवा केंद्र संचालित हैं। इसके अलावा इंगोहटा, छानी, पौथिया, हेलापुर (कुछेछा), पचखुरा बुजुर्ग, मुंडेरा में क्षेत्रीय सहकारी समितियां कार्यरत हैं। इन सभी समितियों से किसानों को खाद-बीज वर्षपर्यंत मुहैया होता है लेकिन मौजूदा समय में कहीं डीएपी खाद नहीं है। किसान परशुराम यादव, प्रदीप गुप्ता, उदयभान, मानसिंह भदौरिया, दुलीचंद्र विश्वकर्मा, राजाराम आदि ने बताया कि डीएपी की जगह एनपीके किसानों को थमाई जा रही है। किसानों ने बताया कि एनपीके को किसान पसंद नहीं करता है। इस समय किसान मटर, मसूर, सरसों, चना, लाही आदि फसलों की बुवाई कर रहा है। पीसीएफ के जिला प्रबंधक शरद कुमार ने बताया कि रैक लगने जा रही है। दो दिन बाद सभी सहकारी समिति में डीएपी पहुंचा दी जाएगी।
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