पांच लोगों की सामूहिक हत्या में पारिवारिक भतीजे सहित तीन को उम्रकैद
Hamirpur News - 0 12 मई 2017 को मौदहा कस्बे के कजियाना मोहल्ले में एक ही मकान में मिले थे पांच शव 0 पारिवारिक भतीजे ने लूटपाट के इरादे से अपने साथियों के साथ मिलकर की

हमीरपुर, संवाददाता। लूट के इरादे से गृहस्वामी के पारिवारिक भतीजे ने अपने दो अन्य साथियों के साथ घर में घुसकर एक ही कुनबे के पांच लोगों को मौत के घाट दिया। नौ साल पुरानी इस घटना में दोष साबित होनेपर तीन हत्यारोपियों को शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश (डकैती) अनिल कुमार खरवार की अदालत ने उम्रकैद और प्रत्येक पर 19-19 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। इस प्रकरण में शुरुआत में जिस व्यक्ति पर सामूहिक हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, वो पुलिस की जांच में चार माह बाद निर्दोष निकला था। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता मणिकर्ण शुक्ल ने बताया कि 12 मई 2017 को जुगुल किशोर निवासी पासुन लेवा थाना सिसोलर ने सूचना दी कि उसके बड़े पापा कृष्णपाल सिंह, उनकी पत्नी कुसुमा देवी, पुत्री रानी व रानी की पुत्री आकांक्षा एवं आकांक्षा की छह माह की पुत्री के शव कजियाना मोहल्ला स्थित उन्हीं के आवास पर मिले हैं।
बाद में इस प्रकरण की रिपोर्ट सौरभ सिंह पुत्र रामेंद्र सिंह निवासी पीपरी अठगइयां थाना सिरसा कलार जिला जालौन ने 13 मई को कोतवाली में जुगुल किशोर के खिलाफ ही दर्ज कराई थी। जिसमें कहा गया था कि उसके नाना कृष्णपाल सिंह, नानी कुसुमा देवी, मां रानी व बहन आकांक्षा देवी उर्फ रामलली एवं छह माह की भांजी की नाना के परिवार के जुगुल किशोर ने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की है। जिसके बाद पुलिस ने जुगुल किशोर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस की जांच के दौरान चार माह बाद 13 सितंबर 2017 को एसओजी प्रभारी रामाश्रय यादव ने हत्या के बाद लूटे गए मोबाइल के ईएमआई नंबर को रन कराया तो उसकी लोकेशन मौदहा के बड़े चौराहा में मिली। इस पर उन्होंने टीम के साथ बड़ा चौराहा पर दबिश दी। इस बीच वादी सौरभ सिंह व उसका बहनोई अनिल सिंह भी मिल गए, जिन्हें अपने साथ ले लिया। बड़ा चौराहा पर फोन मिलाने पर चौराहे में खड़े एक व्यक्ति ने फोन रिसीव किया। जब पुलिस ने उसे दबोचने का प्रयास किया तो उक्त युवक अपने एक अन्य साथी के साथ भागने लगे। जिस पर पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। पूछताछ करने पर इन्होंने अपना नाम कामता उर्फ अजय सिंह व दूसरे ने मूलचंद्र उर्फ मुल्लू श्रीवास निवासी खंडेह बताया। सौरभ ने मोबाइल की शिनाख्त अपनी मां रानी देवी के रूप में की। पुलिस ने दोनों से कड़ाई से पूछताछ की तो उन्होंने पांच लोगों की सामूहिक हत्या की एक-एक गुत्थी खोलकर रख दी। दोनों ने बताया कि उनके गांव के पुष्पेंद्र सिंह ने कृष्णपाल के घर में काफी सोना-चांदी व नकदी होने की बात कही थी। पुष्पेंद्र कृष्णपाल का पारिवारिक भतीजा और करीबी था। इस पर वह दोनों लालच में आ गए और पुष्पेंद्र के साथ 10 मई को शाम चार बजे घर पहुंचे और कृष्णपाल से बातें करने लगे। तभी रानी व उसकी पुत्री आकांक्षा नीचे आई। आकांक्षा ने कहा कि मामा शादी की पार्टी कब मिलेगी। पुष्पेंद्र के कहने पर हम दोनों बाहर से डेढ़ लीटर दूध लाए और दे दिया। इसके बाद कृष्णपाल से शराब पिलाने को कहा। तीन क्वार्टर शराब पिलाने के बाद सबसे पहले कृष्णपाल की गला घोंटकर हत्या की। फिर ऊपर पहुंचकर आकांक्षा का गला घोंटा तभी कुसुमा आ गई, उसका सिर दीवार से पटकर हत्या कर दी। इसके बाद रानी से जेवरात व रुपयों के बारे में पूछा, न बताने पर उसका भी तीनों ने मिलकर गला घोंट दिया। छह माह की मासूम को बिस्तर पर छोड़ने के बाद गहने व मोबाइल आदि लेकर निकल आए। मौदहा के बाहर आकर तीनों ने बैठकर बंटवारा कर दिया। दोनों के हिस्से में लूटे गए मोबाइल आए। पुलिस ने तीनों हत्यारोपितों के खिलाफ हत्या व लूट का मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया। शुक्रवार को मुकदमें की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश (डकैती) अनिल कुमार खरवार ने हत्यारोपी पुष्पेंद्र, मूलचंद्र उर्फ मुल्लू श्रीवास व कामता उर्फ अजय सिंह को आजीवन कारावास व 19-19 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई।

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