भक्ति, सदाचार व सत्कर्म से दूर होते हैं कष्ट
Hamirpur News - 0 समाज में नारी की भूमिका का बताया महत्व फोटो-15-भागवत कथा सुनाते पं.योगेन्द तिवारी। राठ, संवाददाता। कस्बे के बड़ा मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के

राठ, संवाददाता। कस्बे के बड़ा मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान रविवार को कथा वाचक योगेंद्र तिवारी ने मनु-शतरूपा, भगवान कपिल देव तथा सती अनुसुईया के पावन प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के माध्यम से उन्होंने समाज में नारी की भूमिका और उसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए महिलाओं को समय के साथ सजग और संस्कारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। कथा वाचक ने बताया कि भगवान कपिल ने अपनी माता देवहूति को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का उपदेश देकर जीवन के सच्चे मार्ग की शिक्षा दी थी। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य अपने जीवन में भक्ति, सदाचार और सत्कर्म को अपनाता है, तभी उसके जीवन के कष्ट दूर होते हैं और उसे आत्मिक शांति प्राप्त होती है।
उन्होंने सती अनुसुईया के जीवन प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका चरित्र पतिव्रता धर्म, त्याग, संयम और आदर्श नारीत्व का प्रतीक है। उनके जीवन से नारी समाज को धैर्य, मर्यादा और संस्कारों की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम में यजमान अजीत शर्मा, सुभि शर्मा के साथ आयोजक राजू नगायच, सुधीर नगायच, सुनील नगायच उर्फ रानू, रोहनियां मंदिर के संचालक नीलू महाराज, देवेश मिश्रा, संजय उपाध्याय, रामबिहारी शुक्ला सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे।कलश यात्रा के साथ भागवत कथा शुरूमौदहा। नगर में रविवार को कलशयात्रा निकाली गई। जिसमें गाजे-बाजे के साथ सिर पर कलश रखकर सैकड़ों महिलाएं चल रही थीं। मोहल्ला मराठीपुरा में विंध्यवासिनी कमेटी द्वारा भागवत कथा का आयोजन कराया जा रहा है। इसकी कलशयात्रा रविवार को निकाली गई है। यह कलश यात्रा मराठी पुरा मोहल्ला से आरंभ होकर मलीकुंआ चौराहा, जीजीआईसी चौराहा, थाना चौराहा, कोतवाली गेट के सामने से टेवनबाबा होते हुए बड़ी देवी मंदिर पहुंची है। यात्रा में सैकड़ों महिलाएं अपने सिर पर कलश लेकर गाजे-बाजे के साथ चल रही थीं। कलशयात्रा में राधा कृष्ण की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही है।
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