आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर फिर से अस्पताल में काम किया ठप

Newswrap हिन्दुस्तान, हमीरपुर
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हमीरपुर, जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने तड़के मरीज की मौत के बाद हुए हमले के विरोध में ओपीडी ठप कर दी। आरोपी अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं, जिससे डॉक्टरों में भय का माहौल है। डॉक्टरों ने डीएम को तीन सूत्रीय मांग पत्र सौंपा है जिसमें पुलिस चौकी खोलने की मांग की गई है।

आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर फिर से अस्पताल में काम किया ठप

हमीरपुर, संवाददाता। जिला अस्पताल में मंगलवार को तड़के मरीज की मौत के ईएमओ सहित पूरे स्टाफ को बेहरमी से पीटने वालों की 24 घण्टे भी गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित डॉक्टरों ने सुबह 10 बजे ओपीडी ठप कर दी। डॉक्टरों सहित समस्त स्टाफ बांह में काली पट्टी बांधकर नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट की तरफ बढ़ गया। इससे ओपीडी में मौजूद मरीजों और तीमारदारों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई। ज्ञापन देने के बाद वापस लौटे डॉक्टरों ने फिर से मरीजों को देखना शुरू कर दिया है। जिससे मरीजों ने राहत की सांस ली है। डॉक्टरों ने अस्पताल में पुलिस चौकी खोले जाने की मांग की है。

मामले का विवरण

19 मई की सुबह 4:50 बजे थाना बिवांर के अतरार गांव निवासी 18 वर्षीय जितेन्द्र सिंह को सल्फास खाने के बाद गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया था। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इससे भड़के मरीज के तीमारदारों ने डॉ.महेंद्र कुमार से गाली-गलौज करते हुए पीटना शुरू कर दिया। उनकी सोने की चेन, अंगूठी और घड़ी भी पिटाई के दौरान गायब हो गई। शोर सुनकर गार्ड और अन्य स्टाफ पहुंचा तो उनके साथ भी मारपीट की गई। ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ विपिन का ईसीजी के तार से गला घोंटने का प्रयास किया गया। जाते-जाते आरोपी डॉक्टर और स्टाफ को जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए।

डॉक्टरों की स्थिति

पिटाई से डॉ.महेंद्र को गंभीर चोटें आई है। उनके दाहिने कान से ब्लीडिंग भी हुई थी। उंगली और पसलियों में फ्रैक्चर हुआ है। इस घटना के बाद से अस्पताल के डॉक्टरों में भय का माहौल है। बवाल की एफआईआर तो दर्ज हो चुकी है लेकिन अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे आक्रोशित डॉक्टरों ने बुधवार की सुबह ओपीडी खुलने के बाद कार्य बहिष्कार कर दिया। डॉक्टरों सहित समस्त स्टाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रट पहुंचा। यहां भी डॉक्टरों ने जमकर नारेबाजी की और डीएम को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा।

सेवाओं पर प्रभाव

एक घण्टे तक ठप रहा कामकाज : डॉक्टरों के प्रदर्शन की वजह से जिला अस्पताल की ओपीडी से लेकर सभी सेवाएं एक घण्टे तक प्रभावित रही। इसकी वजह से दूरदराज से आने वाले मरीजों और तीमारदारों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। मरीज पर्चा लगाकर डॉक्टरों के रूम के बाहर बैठे रहे। प्रदर्शन के बाद डॉक्टरों के वापस लौटने के बाद ओपीडी सहित अन्य सेवाएं बहाल हो सकी जिससे डॉक्टरों ने राहत की सांस ली है।

मांग पत्र

तीन सूत्रीय मांग पत्र सौंपा : प्रदर्शन के बाद डॉक्टरों ने डीएम को संबोधित तीन सूत्रीय मांग पत्र सौंपा है। जिसमें सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने, जिला अस्पताल में स्थाई पुलिस चौकी स्थापित करने और अस्पताल परिसर में ‘बुंदेलखण्ड रक्तदान समिति’ के सदस्यों को हटाए जाने की मांग की है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉक्टरों ने ओपीडी क्यों ठप की?
डॉक्टरों ने तड़के मरीज की मौत के बाद हुए हमले के विरोध में ओपीडी ठप की।

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