हमलावरों की गिरफ्तारी को लेकर फिर से अस्पताल ठप

Newswrap हिन्दुस्तान, हमीरपुर
share

Hamirpur News - हमीरपुर जिला अस्पताल में मंगलवार को मरीज की मौत के बाद डॉक्टरों पर हुए हमले से आक्रोशित डॉक्टरों ने ओपीडी बंद कर दी। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर डॉक्टरों ने कलेक्ट्रेट की ओर प्रदर्शन किया। उन्होंने अस्पताल में पुलिस चौकी की स्थापना और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।

हमलावरों की गिरफ्तारी को लेकर फिर से अस्पताल ठप

हमीरपुर, संवाददाता। जिला अस्पताल में मंगलवार को तड़के मरीज की मौत के ईएमओ सहित पूरे स्टाफ को बेरहमी से पीटने वालों की 24 घंटे भी गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित डॉक्टरों ने सुबह 11 बजे ओपीडी ठप कर दी। डॉक्टरों सहित समस्त स्टाफ एप्रेन में काली पट्टी बांधकर नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट की तरफ बढ़ गया। इससे ओपीडी में मौजूद मरीजों और तीमारदारों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई। ज्ञापन देने के बाद वापस लौटे डॉक्टरों ने फिर से मरीजों को देखना शुरू कर दिया है। जिससे मरीजों ने राहत की सांस ली है। डॉक्टरों ने अस्पताल में पुलिस चौकी खोले जाने की मांग की है。

घटना का विवरण

मंगलवार की सुबह करीब 4:50 बजे थाना बिवांर के अतरार गांव निवासी 18 वर्षीय जितेंद्र सिंह को सल्फास खाने के बाद गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया था। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इससे भड़के मरीज के तीमारदारों ने डॉ.महेंद्र कुमार से गाली-गलौज करते हुए पीटना शुरू कर दिया। उनकी सोने की चेन, अंगूठी और घड़ी भी पिटाई के दौरान गायब हो गई। शोर सुनकर गार्ड और अन्य स्टाफ पहुंचा तो उनके साथ भी मारपीट की गई। ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ विपिन का ईसीजी के तार से गला घोंटने का प्रयास किया गया। जाते-जाते आरोपी डॉक्टर और स्टाफ को जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए।

Voice of UP

डॉक्टरों की प्रतिक्रिया

पिटाई से डॉ.महेंद्र को गंभीर चोटें आई है। उनके दाहिने कान से ब्लीडिंग भी हुई थी। उंगली और पसलियों में फ्रैक्चर हुआ है। इस घटना के बाद से अस्पताल के डॉक्टरों में भय का माहौल है।

बवाल की एफआईआर तो दर्ज हो चुकी है लेकिन अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे आक्रोशित डॉक्टरों ने बुधवार की सुबह 11 बजे ओपीडी बंद कर दी और समस्त स्टाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रट पहुंचा। यहां भी डॉक्टरों ने जमकर नारेबाजी की और डीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपा।

अस्पताल में सेवाओं का ठप होना

डॉक्टरों के प्रदर्शन की वजह से जिला अस्पताल की ओपीडी से लेकर सभी सेवाएं एक घंटे तक प्रभावित रही। इसकी वजह से दूरदराज से आने वाले मरीजों और तीमारदारों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। मरीज पर्चा लगाकर डॉक्टरों के रूम के बाहर बैठे रहे। प्रदर्शन के बाद डॉक्टरों के वापस लौटने के बाद ओपीडी सहित अन्य सेवाएं बहाल हो सकी, जिससे मरीजों ने राहत की सांस ली है।

तीन सूत्री मांग पत्र

प्रदर्शन के बाद डॉक्टरों ने डीएम को संबोधित तीन सूत्री मांग पत्र सौंपा है। जिसमें सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने, जिला अस्पताल में स्थाई पुलिस चौकी स्थापित करने और अस्पताल परिसर में ‘बुंदेलखण्ड रक्तदान समिति’ के सदस्यों को हटाए जाने की मांग की है।

साक्ष्य संकलन

पुलिस की फील्ड यूनिट टीम बुधवार को साक्ष्य संकलन के लिए जिला अस्पताल पहुंची। यहां ईएमओ डॉ.महेंद्र कुमार और स्टाफ नर्स विनीत से घटना के बावत जानकारी ली। टीम ने यहां मारपीट वाले स्थलों का भी बारीकी से निरीक्षण किया।

डॉक्टरों के ज्ञापन देने जाने की वजह से आधे घंटे तक जिला अस्पताल की सेवाएं प्रभावित हुई थीं। इस दरम्यान वह स्वयं मरीजों को देखते रहे, ज्ञापन देकर डॉक्टरों के वापस लौटने के बाद पुन: सभी सेवाएं बहाल हो गई।

डॉ.आरएस प्रजापति, सीएमएस, जिला अस्पताल।

आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर दबिशें दी जा रही हैं। आज फील्ड यूनिट टीम ने भी अस्पताल में घटना स्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य संकलन किए हैं। जल्द ही घटना में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

रामआसरे सरोज, सदर कोतवाल।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉक्टरों ने ओपीडी क्यों बंद की?
डॉक्टरों ने मरीज की मौत के बाद अस्पताल स्टाफ पर हुए हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर ओपीडी बंद की।
Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।