अस्पताल में सेवाएं ठप, ओपीडी में भटकते रहे मरीज
0 बवाल के बाद सीडीओ अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे 0 कार्रवाई के आश्वासन के बाद डॉक्टरों ने शुरू की ओपीडी फोटो नंबर 05- डॉ.महेंद्र कुमार। 06- कोतवाली

हमीरपुर, संवाददाता। जिला अस्पताल की इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ.महेंद्र कुमार की पिटाई के बाद हालत गंभीर है। उनके कान से ब्लीडिंग भी हुई हैं। ठीक से सुनाई नहीं दे रहा है। सीने में मुक्के-लाते मारे जाने की वजह से पसली में फ्रैक्चर हुआ है। एक उंगली भी टूटी है। सांस लेने में दिक्कत की वजह से ऑक्सीजन लगाई गई है। उधर, इस बवाल के बाद ओपीडी से लेकर इमरजेंसी सेवाओं के ठप होने से अस्पताल में मरीज और तीमारदार भटकते घूम रहे हैं। बवाल के बाद सीडीओ एके सिंह भी अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे। अफसरों के आश्वासन के बाद डॉक्टरों ने ओपीडी में काम शुरू किया।
डॉक्टरों का लामबंद होना
ईएमओ डॉ.महेंद्र कुमार के साथ हुई मारपीट की घटना से जिला अस्पताल का समस्त स्टाफ लामबंद हो गया। डॉक्टरों ने नाराजगी जाहिर करते हुए आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर और उनकी गिरफ्तारी को लेकर काम ठप कर दिया। सारा स्टाफ कोतवाली पहुंच गया। जैसे-जैसे समय बढ़ रहा था वैसे-वैसे अस्पताल में आने वाले मरीज और तीमारदारों की परेशानियां बढ़ती जा रही थीं।
पुलिस का आश्वासन
इधर, सीओ सदर राजेश कमल भी कोतवाली पहुंच गए। जिन्होंने डॉक्टरों की बात सुनी और आश्वासन दिया कि दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डॉ.महेंद्र की तहरीर पर पुलिस ने धारा 191 (2)/115 (2)/121 (2)/132/310(2)/352/351(2)/324(4)/109 बीएनएस, 3(2)(वी), 3(1)(द), 3(1)(ध) एससी/एसटी एक्ट एवं 3 ए/4 उत्तर प्रदेश चिकित्सा अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की है।
डॉ. महेंद्र की स्वास्थ्य स्थिति
सांस लेने में दिक्कत, ऑक्सीजन लगाई गई
बुरी तरह से पीटे गए डॉ.महेंद्र की पसलियों में फ्रैक्चर की वजह से उन्हें सांस लेने में भी दिक्कत महसूस हो रही थी। जिसके बाद उन्हें भर्ती करके ऑक्सीजन लगाई गई। दाहिने कान से ब्लीडिंग होने की वजह से ठीक से सुनाई भी नहीं दे रहा है।
डॉक्टरों की चेतावनी
24 घंटे में नहीं हुई गिरफ्तारी तो फिर ठप होंगी सेवाएं
डॉ.महेंद्र के ऊपर हुए हमले के बाद से आक्रोशित डॉक्टरों ने संयुक्त रूप से चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के अंदर दोषियों की गिरफ्तारी के साथ ही संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है तो डॉक्टर कार्य बहिष्कार कर देंगे। डॉ.विकास ने बताया कि इस घटना के बाद से प्रदेश भर के डॉक्टरों के फोन और मैसेज आ रहे हैं। सभी लोगों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होने पर हमीरपुर के डॉक्टरों के समर्थन में अपने-अपने जिले में विरोध करने का आश्वासन दिया है।
चोटों की पुष्टि
डॉक्टरी में दस चोटों की पुष्टि
डॉ.महेंद्र की डॉक्टरी में उनके शरीर में कुल दस चोटों की पुष्टि हुई हैं। इसमें सिर, कान, छाती, पेट, कंधे के आगे-पीछे, गर्दन, उंगली और पसली में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है। उन्हें कुल हड्डी रोग विशेषज्ञ, ईएनटी सर्जन, डेंटल, जनरल सर्जन, रेडियोलॉजिस्ट के लिए रेफर किया गया है।
पुलिस फोर्स की तैनाती
इमरजेंसी में तैनात रहा फोर्स
बवाल के बाद इमरजेंसी में पुलिस फोर्स की तैनाती कर दी गई। ओपीडी में अधिकांश डॉक्टरों के न बैठने की वजह से मरीज परेशान घूमते रहे। इक्का-दुक्का डॉक्टरों ने ही ओपीडी में किसी तरह मरीजों को देखा। मरीजों की भीड़ और ओपीडी में डॉक्टरों के न होने की वजह से इमरजेंसी सेवाएं न प्रभावित हो जाएं, इसलिए इमरजेंसी वार्ड में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई थी ताकि मरीज और तीमारदार इमरजेंसी में हंगामा खड़ा कर दें।
सीएमएस का बयान
दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। ऐसी घटनाओं से डॉक्टरों का मनोबल टूटता है। जिस मरीज की मौत हुई उसकी हालत बेहद गंभीर थी, इलाज में किसी किस्म की कोई कोताही नहीं बरती गई। विवाद की वजह से अस्पताल की ओपीडी प्रभावित हुई है। बाद में डॉक्टरों ने मरीजों को देखा। किसी मरीज को कोई दिक्कत नहीं हुई है।
डॉ.आरएस प्रजापति, सीएमएस, जिला अस्पताल।
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