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हमीरपुर

जिला पंचायत अध्यक्ष : फूंक-फूंककर कदम रख रही भाजपा

हिन्दुस्तान टीम,हमीरपुरPublished By: Newswrap
Sun, 13 Jun 2021 11:11 PM
जिला पंचायत अध्यक्ष : फूंक-फूंककर कदम रख रही भाजपा

हमीरपुर। संवाददाता

जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर सियासी माहौल गरमाया हुआ है। सपा ने अपने पत्ते को खोल दिए हैं, मगर सत्ताधारी पार्टी भाजपा ने अभी तक जिला पंचायत अध्यक्ष पद के दावेदार के नाम का ऐलान नहीं किया है। सामान्य अध्यक्ष पद पर पार्टी के सामने सवर्ण और पिछड़ी जाति में से किसी एक प्रत्याशी का चुनाव करना है और 2022 के चुनाव के मद्देनजर पार्टी इन दोनों वर्गों में से किसी को भी निराश करने की स्थिति में नहीं हैं।

जनपद में जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव पिछले दो दशकों से काफी दिलचस्प और संघर्षपूर्ण रहा है। अध्यक्ष बनने के लिए लोगों ने यहां सब कुछ दांव पर भी लगाया है। कुछ ने तो पुलिस के कंधों पर सवार होकर इस प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में जीत हासिल की है। खैर पिछली पंचवर्षीय की बात करें तो सपा की सूबे में सरकार थी और जलालपुर सीट से जीतकर आई मुलायम परिवार के करीबी रिश्तेदार डॉ.वंदना यादव पत्नी पुष्पेंद्र यादव बड़ी आसानी से जिला पंचायत की अध्यक्ष बन गई। लेकिन सत्ता जाते ही उनकी अध्यक्षी में रोड़े अटकने शुरू हो गए और आधा कार्यकाल निपटते-निपटते वंदना के खिलाफ सपा से ही जीतकर आई और फिर भाजपा में शामिल हुई जयंती राजपूत पत्नी संतराम अविश्वास प्रस्ताव लेकर आ गई। वंदना की कुर्सी गई तो जयंती कुर्सी पर काबिज तो हुई, मगर कार्यकाल के अंतिम दौर में हाईकोर्ट के एक फैसले ने उनकी अध्यक्षी पर विराम लगाते हुए पूरी चुनावी प्रक्रिया ही अवैध ठहरा दिया गया।

इस बार जुलाई में जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव होना है। सपा ने पुन: डॉ.वंदना यादव को अपना प्रत्याशी घोषित कर अटकलों पर विराम लगा दिया है। सपा जिलाध्यक्ष राजबहादुर पाल का कहना है कि डॉ.वंदना जिला पंचायत अध्यक्ष बनेंगी। उनके पास पर्याप्त समर्थन है। भाजपा में अभी प्रत्याशी की तस्वीर साफ नहीं हुई है। जिला पंचायत की 17 में से चार सीट जीतने वाली भाजपा में तीन प्रमुख दावेदार अध्यक्ष पद पर ताल ठोंक रहे हैं। इनमें जयंती राजपूत, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष विजय पाण्डेय और पौथिया सीट से चुनाव जीतने वाले हरिओम सेंगर हैं। अध्यक्ष पद अनारक्षित है। लिहाजा भाजपा के सवर्ण प्रत्याशी ज्यादा ताकत से अपना-अपना दावा कर रहे हैं। जबकि जयंती राजपूत भी कहीं से कमजोर साबित नहीं हो रही हैं। पार्टी पशोपेश में है कि अनारक्षित सीट पर पिछड़ी जाति या फिर सवर्ण जाति के प्रत्याशी पर दांव लगाया जा जाए। भाजपा जिलाध्यक्ष बृजकिशोर गुप्ता का कहना है कि अधिसूचना लागू होने के बाद पार्टी अध्यक्ष पद के दावेदार का ऐलान करेगी।

निर्दलीयों के समर्थन से बनेगा अध्यक्ष

जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर उसी की ताजपोशी होगी, जिसके साथ निर्दलीयों का समर्थन होगा। जिले में जिला पंचायत सदस्य की कुल 17 सीटें हैं। अंकों के हिसाब से भाजपा और सपा के चार-चार सदस्यों की जीत हुई। बसपा समर्थित दो प्रत्याशी जीते हैं और कुल सात प्रत्याशियों ने निर्दलीय रूप से चुनाव में बाजी मारी। अब जिस भी प्रत्याशी को निर्दलीयों का साथ मिल जाएगा, उसकी चुनाव में जीत पक्की मानी जा रही है। ज्यादातर निर्दलीय प्रत्याशियों का झुकाव सत्ताधारी दल से आने वाले प्रत्याशी की तरफ ही होगा।

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