राज्यसभा सांसद ने सदन में उठाया महोबा में एम्स का मुद्दा
Hamirpur News - राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद ने महोबा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना की मांग की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में गंभीर रूप से बीमार लोगों को इलाज के लिए 250-300 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। एम्स की स्थापना से महोबा और आस-पास के जिलों की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार होगा और युवाओं को चिकित्सा शिक्षा और रोजगार मिलेंगे।

हमीरपुर, संवाददाता। राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद ने बुधवार को राज्यसभा में बुंदेलखंड क्षेत्र के महोबा जनपद में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना की मांग की। सदन में राज्यसभा सदस्य ने कहा कि महोबा एवं आस-पास के जिलों में यदि कोई नागरिक गंभीर रूप से बीमार हो जाता है, तो उसे इलाज के लिए लगभग 250 से 300 किलोमीटर दूर कानपुर, झांसी अथवा लखनऊ जाना पड़ता है। अनेक मामलों में मरीज इलाज तक पहुंचने से पहले ही एम्बुलेंस में दम तोड़ देते हैं, क्योंकि रास्ते में समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं होती। राज्यसभा सदस्य ने कहा कि महोबा बुंदेलखंड का केंद्र बिंदु है।
यदि यहां एम्स की स्थापना की जाती है, तो इससे न केवल महोबा बल्कि हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट, ललितपुर, जालौन तथा मध्य प्रदेश के छतरपुर और पन्ना तक की लगभग दो करोड़ से अधिक की आबादी को जीवनदायी चिकित्सा सुविधा मिलेगी। वर्तमान में झांसी मेडिकल कॉलेज पर क्षमता से कहीं अधिक मरीजों का दबाव है। महोबा में एम्स की स्थापना होने से पूरे बुंदेलखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था का विकेंद्रीकरण होगा और क्षेत्र को उच्च स्तरीय एवं सुलभ चिकित्सा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि एम्स केवल एक अस्पताल नहीं होता, बल्कि यह स्वास्थ्य, शिक्षा और शोध का एक समग्र केंद्र होता है। महोबा में एम्स की स्थापना होने से पूरे बुंदेलखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था का कायाकल्प होगा और क्षेत्र के युवाओं को मेडिकल शिक्षा एवं रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। सांसद ने स्वास्थ्य मंत्री से आग्रह किया कि प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत महोबा जनपद में एम्स की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की जाए।
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