चलती रोडवेज बस में धक्का लगने से बंदूक से चली गोली, गार्ड की मौके पर मौत, पुलिसकर्मी और एक यात्री घायल
अलीगढ़ में चलती रोडवेज बस में धक्का लगने से सिक्योरिटी गार्ड की लाइसेंसी बंदूक से गोली चल गई। पहली गोली सिक्योरिटी गार्ड को लगी, जिससे उसकी मौत हो गई, जबकि दूसरी गोली से एक पुलिसकर्मी और एक यात्री घायल हो गया।

Aligarh News: यूपी के अलीगढ़ में उस समय हड़कंप मच गया। पैराई पुलिस चौकी के पास गुरुवार को रोडवेज बस में सफर कर रहे सिक्योरिटी गार्ड की लाइसेंसी बंदूक से अचानक गोली चल गई। जिससे उसकी मौत हो गई। बंदूक को हटाते समय फिर से दूसरी गोली चल गई। जिसमें हेड कांस्टेबल और एक यात्री घायल हो गए। फर्श पर रखी बंदकू में धक्का लगने से गोली चलना बताया जा रहा है। पुलिस ने शव को मोर्चरी भेज दिया। बंदूक को कब्जे में ले लिया है।
जिला कासगंज के सिढ़पुरा डामरी निवासी विनोद यादव पुत्र श्यौदान सिंह गाजियाबाद में एक निजी कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे। वह गांव से 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक लेकर रोडवेज बस से गाजियाबाद जा रहे था। बंदूक लोड थी। वह बंदूक को फर्श पर रखकर कंधे से लगाकर सीट पर बैठ गया। रास्ते में जीटी रोड स्थित पैराई पुलिस चौकी के पास पहुंचते ही पीछे से धक्का लगने पर उनका हाथ ट्रिगर पर रख गया। जिससे गोली चल गई। गोली विनोद के सीने में जा लगी। वह खून से लथपथ हो गए। यह देख आसपास बैठी सवारियों में चीखपुकार मच गई। आनन-फानन में चालक ने बस को पैराई पुलिस चौकी के पास रोक लिया। वहां मौजूद हेडकांस्टेबल रवेंद्र सिंह बस में चढ़े और बंदूक को हटाया तो दूसरी गोली चल गई। गोली रविन्द्र के पैर और एटा निवासी यात्री बृजेश के शरीर में छर्रे लग गए। यह देख पुलिस कर्मियों के होश उड़ गए। दोनों घायलों को जिला अस्पताल भेज दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दिया। सिक्योरिटी गार्ड विनोद की जेब में मिले कागजात के आधार पर परिजनों से संपर्क किया।
आर्मरर ने खाली कराई बंदूक
घटना के बाद अन्य पुलिसकर्मियों ने घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां सिपाही रवेंद्र और यात्री बृजेश का उपचार जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक दोनों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। इसके बाद बस में सुरक्षा के मद्देनजर तुरंत आर्मरर (हथियार विशेषज्ञ) को मौके पर बुलाया गया। आर्मरर ने तकनीकी तरीके से 12 बोर की उस बंदूक में फंसे अन्य कारतूसों को बाहर निकाला और वेपन को सुरक्षित कर पुलिस कस्टडी में ले लिया।
जानिए क्या कहते हैं नियम
कई बार सवाल उठता है कि क्या वैध लाइसेंस वाली बंदूक को रोडवेज या निजी बस में लेकर जाया जा सकता है तो क्या क्या नियम हैं। धारा 12(1)(ख) के तहत सरकार किसी क्षेत्र में शांति भंग या आतंकी खतरे के समय विशेष प्रकार के आर्म्स के परिवहन को पूरी तरह प्रतिबंधित भी कर सकती है। चुनाव, मेले या संवेदनशील इलाकों में अक्सर ऐसे आदेश जारी होते हैं। रोडवेज की बसों में हथियार ले जाने के लिए कंडक्टर और चालक को पहले सूचित करना होता है। कई बार बस स्टाफ सुरक्षा कारणों से लोडेड हथियार रखने से मना कर देते हैं। अगर बिना सूचना लोडेड बंदूक मिली तो यात्रियों में अफरा-तफरी और पुलिस केस दोनों हो सकते हैं।
पैक करके ले जाने का नियम
लाइसेंस हो तो बंदूक ले जा सकते हैं, लेकिन उसे अनलोडेड, पैक करके और कागजात के साथ रखना होगा। लोडेड बंदूक लेकर बस में सफर करना जोखिम भरा है और पुलिस इसे नियमों का उल्लंघन मान सकती है। यात्रा से पहले अपने जिले के एसपी कार्यालय या थाने से एक बार नियमों की पुष्टि कर लेना सबसे सुरक्षित तरीका है। वहीं एसपी सिटी आदित्य बंसल ने बताया, रोडवेज बस में लाइसेंसी बंदूक से गोली चली थी। जो सिक्योरिटी गार्ड के कंधे में जा लगी और मौत हो गई। हेडकांस्टेबल और एक यात्री के पैर में भी छर्रे लगे। धक्का लगने से गोली चलना प्रतीत हो रहा है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनकी हालत खतरे से बाहर है।


