दूल्हा ‘पाठक’ नहीं ‘निषाद’ निकला, फेरों में गोत्र नहीं बता पाया, टूट गई शादी
दूल्हा ‘पाठक’ नहीं बल्कि ‘निषाद’ निकला। भांवरों के समय पंडित के गोत्र पूछने पर उसका भेद खुल गया। गोत्र नहीं बता पाया तो फेरे रोक दिए गए। हंगाामा हो गया। इसके बाद शादी टूट गई।

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में निषाद युवक खुद को पाठक ब्राह्मण बता कर शादी करने पहुंच गया लेकिन भांवरों के समय पंडित के गोत्र पूछने पर उसका भेद खुल गया। गोत्र नहीं बता पाया तो फेरे रोक दिए गए। जांच-पड़ताल होने लगी। खुलासा हो गया कि दूल्हे का परिवार पाठक नहीं निषाद है। इस पर हंगामा मच गया। बात थाने तक पहुंची। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक पंचायत हुई लेकिन बात नहीं बनी। अंत में बिना दुल्हन के ही बारात बैरंग वापस लौटा दी गई।
इटावा जिले के बकेवर थाना क्षेत्र की रहने वाली 19 वर्षीय युवती की शादी बांदा के जसपुरा क्षेत्र के अमारा निवासी प्रभू से तय हुई थी। दोनों पक्ष कई साल से सूरत में रहते हैं। वही पर उनकी शादी तय हुई थी। लड़की पक्ष के लोग पूरे इंतजाम के साथ जसपुरा के गेस्ट हाउस पहुंचे। यही पर शादी का कार्यक्रम था। मंगलवार शाम अमारा से आई बारात का भव्य स्वागत हुआ। जश्न का माहौल था। इस बीच द्वारचार और जयमाल हंसी-खुशी निपट गए। फेरों के समय पंडित ने दूल्हे से उसका गोत्र पूछा तो वह नहीं बता पाया। कई बार पूछने पर भी वह बगलें झांकता रहा। इस पर हंगामा शुरू हो गया। दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इस दोरान फेरे और विवाह की अन्य रस्में रुक गईं। छानबीन में भेद खुल गया कि वह फर्जी पाठक बना था। पता चला कि वास्तव में दूल्हे का परिवार निषाद है। इस पर कन्या पक्ष भड़क उठा। हाथापाई की नौबत आ गई। सुबह तक सुलह-समझौते पर बात होती रही लेकिन बात नहीं बनी।
दूल्हे के गैर ब्राह्मण होने की बात पता चलने पर दुल्हन की मां बेहोश
दूल्हे के गैर ब्राह्मण होने की बात पता चलने पर दुल्हन की मां बेहोश हो गई। आनन-फानन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसपुरा ले जाकर भर्ती कराया गया। सूचना पर थाना प्रभारी ऋषि देव पुलिस टीम के साथ पहुंचे और दोनों पक्षों को थाने लाकर बात कराई। लड़की पक्ष का आरोप था कि लड़के ने खुद को ‘पाठक’ बताकर रिश्ता तय कराया जबकि लड़के पक्ष का कहना था कि वह निषाद जाति से हैं और यह बात पहले से बताई गई थी। घंटों चली पंचायत के बाद भी बात नहीं बनी। अंत में थाने से ही बिना दूल्हन बारात वापस लौट गई। थाना प्रभारी ने बताया कि काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद भी दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे। आपसी सुलह के बाद बारात वापस लौट गई।
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Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।
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