
यूपी के लिपिकों के लिए खुशखबरी, 1900 से बढ़कर 2000 होगा ग्रेड वेतन, शासन को भेजा गया प्रस्ताव
अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में कार्यरत 1700 से अधिक लिपिकों के लिए खुशखबरी है। उनके जल्द ही वेतन बढ़ोतरी का लाभ मिल सकता है। शिक्षा निदेशालय ने उनका ग्रेड वेतन 1900 से बढ़ाकर 2000 करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
उत्तर प्रदेश के 3049 अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में कार्यरत 1700 से अधिक लिपिकों के लिए अच्छी खबर है। उनका ग्रेड वेतन 1900 से बढ़ाकर 2000 करने के लिए शिक्षा निदेशालय की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। इसकी मंजूरी मिलने के बाद प्रत्येक लिपिक को प्रतिमाह औसतन तीन हजार रुपये का लाभ होगा।
ये लिपिक लंबे समय से ग्रेड वेतन में वृद्धि की मांग कर रहे थे। इस पर अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) कामताराम पाल की ओर से 28 नवंबर 2025 को शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। शासन के संयुक्त सचिव वेद प्रकाश राय ने 29 दिसंबर को कर्मचारियों की संख्या और पड़ने वाले वित्तीय व्ययभार के संबंध में सूचना मांगी है। पूरे प्रदेश में 3049 एडेड जूनियर हाईस्कूलों में सर्वाधिक 118 विद्यालय आजमगढ़ में हैं। इसके अलावा जौनपुर में 109 और प्रयागराज में 106 विद्यालय हैं। वहीं, सबसे कम ललितपुर में दो, सोनभद्र में चार श्रावस्ती में आठ और भदोही में नौ विद्यालय हैं।
'जीरामजी' में 125 दिन रोजगार नहीं तो देंगे बेरोजगारी भत्त: वित्त मंत्री
उधर, गोरखपुर में प्रदेश सरकार में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने ‘विकसित भारत जी राम जी’ की खूबियों को लेकर मीडिया से बात की। कहा कि मनरेगा में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए नई पारदर्शी व्यवस्था लागू की जा रही है। नए बदलाव में अब 100 दिन के बजाए 125 दिन का रोजगार मिलेगा। मांगने के बाद भी रोजगार न दिए जाने पर बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान किया गया है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि नए कानून में तकनीक का इस्तेमाल कर भ्रष्टाचार रोकने का पुख्ता इंतजाम किया गया है। राज्य को भी जवाबदेह बनाया जा रहा है। इसमें 60 फीसदी वित्तीय भागीदारी केंद्र और 40 फीसदी राज्य की होगी। केन्द्र और राज्य के समन्वय से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। नए कानून में ग्राम पंचायतें अपनी आवश्यकताओं को लेकर कार्ययोजना बना सकेंगी। इसमें रबी और खरीफ की बुआई और कटाई के पीक सीजन में 60 दिन काम नहीं दिया जाएगा।

लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
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