न सैंपल बदल पाओगे, न रिपोर्ट; गोरखपुर यूनिवर्सिटी के हॉस्टल मेस से खाने का नमूना जांच कराने लखनऊ ले गईं गवर्नर आनंदीबेन
गोरखपुर यूनिवर्सिटी पहुंची राज्यपाल आनंदीबेन पटेल वहां के हॉस्टल और मेस की हालत देख हैरान रह गईं। मौके पर ही फूड सेफ्टी वालों को बुलाया और सैंपलिंग कराई। एक सैंपल अपने साथ लखनऊ भी जांच के लिए ले गईं ताकि कोई जिले के अधिकारी कोई खेल न कर सकें।
यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल गुरुवार को गोरखपुर यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में पहुंचीं। इस दौरान वहां के हॉस्टलों और मेस की हालत देख हैरान रह गईं। पता चला कि लड़कों के हॉस्टल में तो मेस ही नहीं चल रहा था। लड़कियों के हॉस्टल में जो मेस था, उसमें रखे सामान देख चौंक गई। फूड सेफ्टी वालों को मौके पर बुलाया और सैंपलिंग कराई। तेल, मसालों समेत कई सामानों का दो सैंपल भरवाया। दूसरा सैंपल लखनऊ में जांच कराने के लिए अपने साथ लेकर चली गईं। राज्यपाल की नाराजगी देख पूरे यूनिवर्सिटी में हड़कंप मचा रहा।
राज्यपाल यूनिवर्सिटी की हालत देखकर इतनी नाराज थीं कि दीक्षांत समारोह के दौरान भाषण में भी हॉस्टल और मेस की हालत बयां की और बताया कि दूसरा सैंपल अपने साथ लेकर क्यों लखनऊ जा रही हैं। राज्यपाल ने कहा कि जो कमियां हैं उन्हें तो मुझे बताना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह कमियां आने वाले तीन महीने में पूरी होनी चाहिए।
यहां मुख्यमंत्री है, यहां भी कमियां रहेंगी तो क्या होगा
राज्यपाल ने कहा कि यह गोरखपुर है। यहां तो स्वयं मुख्यमंत्री विराजमान हैं। यहां इस तरह की कमियां रहेंगी तो क्या होगा। कहा कि यूनिवर्सिटी में नौ छात्रावास हैं। तीन लड़कियों और छह लड़कों का है। लड़िकयों के हॉस्टल में मेस चलता है लेकिन लड़कों को हॉस्टल में मेस ही नहीं चलता है। वहां बाहर से टिफिन में खाना आता है। राज्यपाल ने सवाल किया कि क्या टिफिन का खाना अच्छा लगता है?
पूछा, तेल है या भंगार
राज्यपाल ने बताया कि यूनिवर्सिटी में ही मैं रुकी हुई हूं। जब मेस में गई, वहां डिब्बों को खोला, तेल देखा तो हैरान रह गई। कर्मचारियों से पूछा, यह तेल है या भंगार (कबाड़) है। कहा कि मैं भी गृहणी हूं। मुझे पता है कि किचन में रखा सामान क्या होता है। फूड सेफ्टी वालों को बुलाया और सामानों का दो सैपल कराया। दूसरा सैंपल अपने पास रख लिया। उसे लखनऊ ले जाकर जांच कराउंगी। कहा कि मुझे पता है कभी-कभी सैंपल बदल जाता है।बिचौलिए बीच में ही सैंपल बदल देते हैं। यहां के अधिकारियों को कह दिया है कि आप भी सैंपल की जांच कराओ, मैं भी कराऊंगी। पता तो चले कि हमारे बच्चे क्या खा रहे हैं।
टिफिन बंद कराओ, बाहर से ड्रग्स आ रहा
कहा कि बतौर राज्यपाल नहीं एक मां होने के नाते कह रही हूं कि हमारे बच्चों की खुराक शुद्ध होनी चाहिए। अगर ऐसा ही खाते रहेंगे तो उनका दिमाग ही नहीं चलेगा। राज्यपाल ने आगे यह भी कहा कि टिफिन का खाना बंद कराओ। क्या इतना भी नहीं कर सकते हैं। बाजार से अच्छा सामान लाना है और पकाने वाले को दे देना है। राज्यपाल ने कहा कि मैंने देखा है कि टिफिन में बाहर से क्या-क्या आता है। टिफिन में दारू भी आता है और ड्रग्स भी आता है।
जनभवन की टीम ने हॉस्टलों का किया निरीक्षण
बताया कि जनभवन की टीम ने हॉस्टल का निरीक्षण कर जो रिपोर्ट सौंपी है, वह बेहद चिंताजनक है। अलकनंदा हॉस्टल में वाई-फाई नहीं चल रहा है। पंखे नहीं थे। मेरे आने की सूचना पर पंखे लगवाए गए हैं। रामप्रसाद शुक्ल हॉस्टल गंदगी से भरा पड़ा है। अमरावती गर्ल्स हॉस्टल में न तो पानी की व्यवस्था है, न ही बिजली की। चंद्रावत हॉस्टल जर्जर हालत में है, तीन साल से उसे गिराया नहीं जा पा रहा है।
हर तरफ हालत बदतर दिखा
जनभवन की टीम को हर तरफ हालत बदतर दिखा। राज्यपाल ने कहा कि कैंपस का शैक्षणिक भवन जर्जर हालत में है। साइंस विभाग में पंखे तक नहीं है। केमिस्ट्री के लैब में पानी की टोटी लगी है, लेकिन उसमें पानी नहीं आ रहा है। सीसीटीवी बंद हैं। हिंदी और जंतु विज्ञान विभाग में लगे फायर सेफ्टी उपकरण एक्सपायर हो चुके हैं। हीरापुरी कॉलोनी में गंदगी है। टाइप टू के 50 आवासों में गंदगी है।
तीन माह में कमियां दूर करें, बनाएं समिति
राज्यपाल ने निर्देश दिया कि तीन माह के भीतर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएं। इसके लिए समितियां गठित की जाएं, जिनमें विभागाध्यक्षों के साथ छात्रों को भी शामिल किया जाए। समितियों की रिपोर्ट तीन माह के भीतर जनभवन भेजी जाए। उसके बाद विवि की समीक्षा की जाएगी।


