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यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सरकार बड़ा फैसला, स्लीपर बसों में ड्राइवर केबिन और स्लाइडर हटेगा

यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सरकार बड़ा फैसला, स्लीपर बसों में ड्राइवर केबिन और स्लाइडर हटेगा

संक्षेप:

स्लीपर बसों में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। परिवहन आयुक्त ने सभी स्लीपर बसों से ड्राइवर केबिन और स्लीपर बर्थ पर लगे स्लाइडर हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाली बसों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

Jan 09, 2026 12:33 pm ISTPawan Kumar Sharma विशेष संवाददाता, लखनऊ
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स्लीपर बसों में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा के लिए परिवहन आयुक्त ने सख्त तेवर अपनाए है। उन्होंने उप परिवहन आयुक्त व आरटीओ निर्देश दिया है कि स्लीपर बसों में ड्राइवर केबिन (पार्टीशन डोर) को हटवाया जाए। साथ ही स्लीपर बर्थ पर लगे स्लाइडर को भी हटवा दिया जाए।

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सभी स्लीपर बसों में अग्निशमन निवारण यत्र लगाने के लिए एक महीने का समय दिया जाए। इसके बाद मानक का पालन न करने वाली बसों को सीज कर दिया जाएगा। स्लीपर बसों के हादसे में कई लोगों की जान जाने के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस पर चिंता जताई थी। परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने इन निर्देशों का पालन कराने के लिए सभी आरटीओ व एआरटीओ को पत्र लिखा है।

ले-आउट ड्राइंग जरूरी

राज्य परिवहन प्राधिकरण के मुताबिक स्लीपर बसों के रजिस्ट्रेशन के समय दरवाजे की जगह, डाइमेंशन, आपातकालीन द्वार, रूफ हैच के साथ ही ले-आउट ड्राइंग देना जरूरी होगा। इसके साथ ही स्लीपर बस की बॉडी बनाने वाली कम्पनी की मान्यता की वैद्यता को भी चेक करने को कहा गया है। परिवहन आयुक्त ने निर्देश दिया है कि इनका पालन कराया जाए। मानक का उल्लंघन मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाए।

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स्लीपर बसों का विनिर्माण वाहन कंपनियों, मान्यता प्राप्त कारखानों में होगा: गडकरी

उधर, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि आग लगने की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने फैसला किया है कि स्लीपर कोच बसों का विनिर्माण केवल वाहन कंपनियों और केंद्र से मान्यता प्राप्त कारखानों में ही किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि पहले से चल रही स्लीपर कोच बसों में आग का पता लगाने वाली प्रणाली, हथौड़े के साथ आपातकालीन निकास, आपातकालीन रोशनी और चालक थकान संकेतक लगाने होंगे। पिछले छह महीनों में स्लीपर कोचों से जुड़ी आग लगने की छह दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 145 लोगों की जान चली गई।

Pawan Kumar Sharma

लेखक के बारे में

Pawan Kumar Sharma
"पवन कुमार शर्मा पिछले 3 साल से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। पवन अभी हिन्दुस्तान अख़बार की वेबसाइट Livehindustan.com में काम कर रहे हैं। इससे पहले ABP News में बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाएं और टूरिज्म पर लिखते हैं। पवन ने दिल्ली के भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले कानपुर के क्राइस्ट चर्च कॉलेज से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया था।" और पढ़ें
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