मौरंग और बालू की रॉयल्टी दरों में इजाफे को सरकार ने दी मंजूरी, यूपी में मकान बनाना होगा महंगा
उत्तर प्रदेश में मौरंग और बालू समेत तमाम निर्माण उपखनिजों की रॉयल्टी दरों में इजाफे को सरकार ने मंजूरी दे दी है। इसके बाद अब मकान और भवन आदि का निर्माण करवाना महंगा हो जाएगा।

यूपी में मौरंग और बालू समेत तमाम निर्माण उपखनिजों की रॉयल्टी दरों में इजाफे को सरकार ने मंजूरी दे दी है। इसके बाद अब घर और भवन आदि का निर्माण करवाना महंगा हो जाएगा। कैबिनेट ने उपखनिजों के स्वामित्व की दरों और वार्षिक निश्चित न्यूनतम किराया में बढ़ोतरी के लिए खनिज परिहार नियमावली के दूसरे संशोधन का प्रस्ताव अनुमोदित किया है।
विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक नदी तल में उपलब्ध मौरंग की न्यूनतम दरें 150 रुपये प्रति घनमीटर से बढ़ाकर 190 रुपये प्रति घन मीटर, पहाड़ों के क्षरण से बनने वाली लाल मौरंग 75 रुपये प्रति घन मीटर के बजाय अब 100 रुपये प्रति घन मीटर होंगी। साधारण बालू की दरों में भी 15 रुपये प्रति घन मीटर का इजाफा किया गया है। चूना पत्थर पर पूर्व में स्वामित्व की दर 150 रुपये प्रति टन थी, से अब सूची से बाहर कर दिया गया है।
सिलिका सैंड के लिए 100 रुपये प्रति टन से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति टन कर दिया गया है। यही नहीं, एक मीटर या उससे अधिक आकार की ग्रेनाइट के लिए रॉयल्टी की दर पांच हजार रुपये प्रति घन मीटर से बढ़ाकर छह हजार रुपये प्रति घन मीटर कर दी गई है। एक मीटर से कम आकार की ग्रेनाइट के लिए तीन हजार रुपये से बढ़ाकर 4500 रुपये कर दी गई है। उपखनिजों के वार्षिक डेड रेंट में भी बढ़ोतरी की गई है।
मार्बल व मार्बल चिप्स की दर 40 हजार रुपये से बढ़ा कर 60 हजार रुपये, इमारती पत्थर-गिट्टी के लिए 90 हजार से बढ़ाकर 1.35 लाख रुपये, नदी तल की मौरंग के लिए 90 हजार से बढ़ा कर 1.35 लाख रुपये, पहाड़ों के क्षरण से मिलने वाली लाल मौरंग के लिए 24 हजार रपुये से बढ़ा कर 36 हजार रुपये, प्रथम श्रेणी की साधारण बालू 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार रुपये और द्वितीय श्रेणी की साधारण बालू 30 हजार रुपये से बढ़ा कर 45 हजार रुपये व साधारण मिट्टी के लिए 15 हजार रुपये कर दिया गया है।
नीलामी पर बिकी हैं खदानें, इसलिए नहीं आएगा तात्कालिक फर्क
खनन विभाग ने दरों बढ़ने के बावजूद बाजार पर तात्कालिक असर पड़ने से इनकार किया है। विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश में पहले ही नीलामी की दरों पर खदानों के पट्टे उठाए जा रहे हैं। यह दर रॉयल्टी की दर से काफी ज्यादा है। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक रॉयल्टी से ज्यादा कीमत पर पट्टा उठने की वजह से न तो इस बढ़ोतरी का असर राजस्व पर पड़ेगा और न ही बाजार में कीमत पर। सूत्र बताते हैं कि कैबिनेट से मंजूरी के बाद सोमवार को नियमावली में हुए संशोधन के औपचारिक आदेश जारी हो जाएंगे।
लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।
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