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VIDEO: योगी आदित्यनाथ ने महा रुद्राभिषेक के बाद पितेश्वरनाथ में किया जलाभिषेक

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गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार की रात शक्ति मंदिर में श्रद्धा एवं विधि विधान के साथ महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की 25 लीटर द्रव्य से महाभिषेक किया। सम्पूर्ण मानव जाति के कल्याण, उद्धार, समृद्धि एवं शांति के लिए प्रार्थना की। बुधवार को पीपीगंज के भरोहिया गांव स्थित पितेश्वरनाथ शिव मंदिर में जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की। योगी आदित्यनाथ बुधवार अपराह्न 4 बजे लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे।

योगी आदित्यनाथ 11.30 बजे पीपीगंज के भरोहिया पहुंचे थे। यहां उन्होंने पाण्डव कालीन शिव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की। उसके बाद 200 की संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं से मिले और उन्हें आशीर्वाद भी प्रदान किया। इस दौरान कई लोगों ने अपने प्रार्थना पत्र भी मुख्यमंत्री को प्रदान किए।

इसके पूर्व मंगलवार की शाम मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर के मठ में स्थित शक्तिमंदिर में मठ पुरोहित आचार्य रामानुज त्रिपाठी समेत 11 वेदपाठी ब्राह्मणों के साथ योगी आदित्यनाथ शक्ति मंदिर में अनुष्ठान के लिए 6.30 बजे पहुंचे। आमजन की नजरों से दूर मठ के प्रथम तल पर स्थित शक्ति मंदिर में तकरीबन 2.30 घंटे तक विशेष धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न हुआ। उन्होंने शक्ति मंदिर में शुक्ल यजुर्वेद संहिता के अष्टाध्यायी के आठवें अध्यायों के पाठ के महामंत्रों द्वारा भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया। 

योगी आदित्यनाथ ने 11 लीटर दूध, 5 लीटर गंगा जल, दही, घी, शर्करा, मधु से भगवान शंकर का मंत्रोउच्चार के बीच अभिषेक किया। इसके बाद औषधियों- तीन लीटर गन्ने के रस, पांच लीटर कुशा के रस, 1.25 लीटर दूब, गुरुच के रस से अभिषेक किया। इस अभिषेक में कुल 25 लीटर महाद्रव्य भगवान पर चढ़ाया। इस पूरे धार्मिक अनुष्ठान को मठ पुरोहित आचार्य रामानुज त्रिपाठी की अगुवाई में डॉ. अरविंद चतुर्वेदी, डॉ. रोहित मिश्र, रंगनाथ त्रिपाठी, पुरुषोत्तम चौबे और छह वेदपाठी ब्राह्मणों ने सम्पंन कराया। इस दौरान मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ समेत मंदिर के अन्य पुजारी भी शामिल हुए। नौ बजे महाभिषेक सम्पंन होने के बाद योगी आदित्यनाथ ने मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोगों से बातचीत कर शयन कक्ष में चले गए।

योगी आदित्यनाथ के लिए अहम है महाशिवरात्रि
भगवान शिव लोकमंगल और कल्याण के देवता है। वह अतृप्त आत्माओं और पशु-पंक्षियों के देवता है। नाथपंथ की परम्परा में गुरु गोरखनाथ भगवान शिव के अवतार माने जाते हैं। नाथ संप्रदाय उन्हें अपना आदिनाथ स्वीकार करता है। इसलिए ही गोरखनाथ मंदिर लोक कल्याण एवं लोक मंगल की भावना से संचालित होता है। ऐसे में मंदिर के पीठाधीश्वर के लिए महाशिवरात्रि महत्वपूर्ण होती है। 

सन्यासी का व्यक्तिगत कुछ भी नहीं, सब जगत के लिए
मठ पुरोहित रामानुज आचार्य कहते हैं कि सन्यासी का अपना कुछ भी नहीं होता है। उसका सब कुछ जगत के लिए होता है। मठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने नाथ संप्रदाय की पराम्परा के मुताबिक सम्पूर्ण मानवजाति कल्याण के लिए विधिपूवर्क पूजा अर्चना की। सभी के लिए समृद्धि एवं शांति की कामना की। 

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  • Web Title:Yogi Adityanath performed Jalashabhenak in Pitheswaran after Maha Rudrabhishek