Year 2017 will be known for flood in Gorakhpur - बाढ़ की तबाही के लिए जाना जाएगा साल-2017, गोरखपुर में 19 जानें गईं DA Image
8 दिसंबर, 2019|1:42|IST

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बाढ़ की तबाही के लिए जाना जाएगा साल-2017, गोरखपुर में 19 जानें गईं

बाढ़ की तबाही के लिए जाना जाएगा साल-2017, गोरखपुर में 19 जानें गईं

वर्ष 2017 में आई बाढ़ ने जिले में जमकर तबाही मचाई। राप्ती, रोहिन, घाघरा और गोर्रा नदियों की उफान ने 562 से अधिक गांवों में तांडव मचाई और तकरीबन 6 लाख से अधिक आबादी प्रभावित हुई।

14 अगस्त 2017 की आधी रात को रोहिन नदी ने कैम्पियरगंज इलाके में मखनहा बांध को काट दिया। सुबह तक आस-पास के दर्जनों गांव बाढ़ के पानी में डूब गए। जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी कोई उपाय करते इससे पहले ही एक-एक कर जिले में तकरीबन 20 स्थानों पर बंधे कट गए। 50 से अधिक बंधे बाढ़ से प्रभावित हो गए। बाढ़ की विभीषिका 6 सितम्बर तक बरकरार रही। इस दौरान बाढ़ ने काफी नुकसान किया।

जहां बंधे कटे उसके आस-पास के दर्जनों पक्के मकान नदी के तेज बहाव में बह गए। झोपड़ियों का पता ही नहीं चला। बाढ़ में डूबकर जिले के 19 लोगों की मौत हो गई। हालात ऐसे बन गए कि 15 दिनों तक प्रशासन ने स्कूल-कालेज बंद कर दिए। किसान-व्यवसाई सब तबाह हो गए। बड़े क्षेत्रफल में फसल नष्ट हो गई। बाढ़ से प्रभावित इलाकों के लिए शरणालय बनाए गए।

लोगों के बीच एनडीआरएफ और पीएसी जवानों द्वारा राहत सामाग्री पहुंचाई गई। प्रशासन के आग्रह पर समाजसेवी संगठनों ने बाढ़ प्रभावितों की मदद में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। लोगों ने खाने के पैकेट तैयार कराए और प्रशासन की मदद से बाढ़ प्रभावितों के बीच बंटवाए। पानी की बोतलें, लाई-भूजा और गुड़ बंटवाए। पानी की बोतलें तक लोगों ने जुटाए और प्रशासन को मुहैया कराए।

एक नजर में 2017 की बाढ़ से नुकसान

स्कूल : 122

हैंडपम्प : 1200

बंधे : 50

फसल : 31 हजार हेक्टेयर

कच्चे-पक्के मकान : 1500

झोपड़ियां : 1800

मौतें : 19

प्रभावित आबादी : 6 लाख

प्रभावित गांव : 562

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