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डीडीयू नहीं महोत्सव की कार्यदायी संस्था देगी बिजली का बिल

डीडीयू नहीं महोत्सव की कार्यदायी संस्था देगी बिजली का बिल

बिजली निगम ने सफाई दी है कि गोरखपुर महोत्सव का बिजली बिल भले ही डीडीयू फीडर से ली जा रही है मगर इसका बिल डीडीयू को नहीं बल्कि कार्यदायी संस्था को देना है। कार्यदायी संस्था के आवेदन पर गुरुवार को कार्यदायी संस्था के नाम से 74-74 किलोवाट के दो अस्थाई कनेक्शन जारी कर दिए गए। कैंपस में लगने वाले स्ट्रीट लाइट, परिसर के सभी सजावटी बिंदुओं और पार्किंग स्थल पर मौजूद उपकरणों से लाइन जोड़ दी गई है।

महानगरीय विद्युत वितरण मंडल के अधीक्षण अभियंता एसके सिंह ने कहा है कि महोत्सव में टेंट हाउस व स्टॉल आदि के साथ प्रकाश आदि की व्यवस्था एक कार्यदायी संस्था कर रही है। इस संस्था ने निगम को 10 से 17 जनवरी तक के लिए अस्थाई कनेक्शन का आवेदन दिया था। निगम ने अपनी शर्तों पर गुरुवार से कनेक्शन जारी कर दिया गया। संस्था ने लिखित दिया है कि वह अस्थाई कनेक्शन से मिली बिजली का ही उपयोग करेगी, विवि की एचटी लाइन से किसी बिंदु पर अपनी लाइन नहीं जोड़ेगी। इन शर्तों का उल्लंघन करने पर संस्था के खिलाफ निगम कार्रवाई करेगा। संस्था ने पार्किंग स्थलों में अलग से जेनरेटर भी लगाए हैं ताकि आकस्मिक स्थिति आने पर बिजली की सप्लाई बहाल रखी जाए।

पिछले साल डीडीयू को भरना पड़ा था 10 लाख का अतिरिक्त बिजली बिल

पिछले वर्ष गोरखपुर महोत्सव के बाद डीडीयू को 10 लाख रुपये का अतिरिक्त बिल भरना पड़ा था। बिजली निगम ने कहा था कि महोत्सव में कार्यदायी संस्था ने जो बिजली का अस्थाई कनेक्शन लिया था, उसके अतिरिक्त भी कैंपस में बिजली खर्च की गई थी। विवि प्रशासन ने बिजली चोरी मान कर जांच भी बैठाई थी और कहा था कि जब विवि के अभियंता को बिजली चोरी रोकने की निगरानी करनी थी तो ऐसा कैसे हो गया। बाद में जब अभियंता को जवाब आया तो जांच ठप हो गई और विवि प्रशासन ने अपने पास बिल जमा कर दिया।

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  • Web Title:Working organisation will pay Electric Bill of Gorakhpur Mahotsav