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हर 15 मिनट में मिलेगा मौसम का अपडेट, जानिए क्या है तकनीक

गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता आने वाले समय में किसान फसलों की मार कम कर सकते...

हर 15 मिनट में मिलेगा मौसम का अपडेट, जानिए क्या है तकनीक
हिन्दुस्तान टीम,गोरखपुरFri, 01 Mar 2024 10:00 AM
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गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता
आने वाले समय में किसान फसलों की मार कम कर सकते हैं। मौसम के सटीक पुर्वानुमान से किसान आने वाली आपदानों को जान सकेंगे। यह सब होगा आटोमेटिक वेदर स्टेशन (एडब्ल्यूएस) के स्थापित होने से। जिने में जल्द ही 16 जगहों पर एडब्ल्यूएस लगाए जाएंगे। प्रयोग के तौर खजनी में लगा दिया गया है।

एडब्ल्यूएस छह तहसीलों में दो-दो और सदर तहसील में चार की संख्या में लगेंगे। इस सिस्टम के लग जाने से हर 15 मिनट में अपडेट मिलता रहेगा। इसका सबसे अधिक फायदा किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को होगा। क्योंकि, उन्हें अब मौसम का सटीक अनुमान पता चल जाएगा। साथ ही किस इलाके में कितनी बारिश हुई है, यह भी रिकार्ड हो सकेगा। इस सिस्टम को लगाने के लिए 60 करोड़ का बजट आवंटित किया है।

बजट आवंटित होते ही इसके लिए कार्यदायी संस्था भी तय कर ली गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने इन कामों की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था ओपल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी है। टीम गोरखपुर पहुंचकर जगह चिन्हित करने के लिए सर्वे भी शुरू कर दी है। आपदा विभाग के अनुसार अप्रैल तक सभी जगहों पर एडब्ल्यूएस स्थापित कर दिए जाएंगे।

किसानों को मिलेगा काफी फायदा

प्रगतिशील किसान केशव का कहना है कि इन यंत्रों के स्थापित किए जाने से किसानों को काफी फायदा मिलेगा। वर्तमान में तहसीलों के भीतर लगे पारंपरिक यंत्रों के जरिए वर्षा का निर्धारण होता है। मौसम की सटीक जानकारी के लिए मौसम विभाग पर निर्भर रहना पड़ता है। तहसील कार्यालय की छत पर लगा मौसम विभाग के ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन का सेंसर कौओं की बीट के कारण खराब है। उसकी चिप भी नहीं मिल पा रही।

बोले विशेषज्ञ

गोरखपुर के आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता का कहना है कि बजट में प्रावधान होते ही इसके लिए कार्यदायी संस्था भी फाइनल हो गई है। जोकि, यहां पहुंचकर सर्वे भी शुरू कर दी है। इसके लिए ओपन एरिया और जमीनें फाइनल की जा रही हैं। कई जगहों पर फाइनल भी हो चुकी हैं। लेकिन, सभी जगह तय होते ही यंत्र लगने लगेंगे। उम्मीद है कि मार्च महीने के आखिरी तक गोरखपुर में दोनों यंत्र सभी जगहों पर लगकर शुरू हो जाएंगे।

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