दुर्गंध से परेशान मोहद्दीपुरवासियों ने बंद की खिड़कियां
Gorakhpur News - गोरखपुर में रामगढ़ झील का जलस्तर घटने से दुर्गंध फैल रही है। मोहद्दीपुरवासी खिड़कियां बंद करने को मजबूर हैं। जैविक प्रदूषण के कारण झील में शैवाल की मात्रा बढ़ी है, जिससे जलीय जीव संकट में हैं। स्थानीय लोग प्रदूषण नियंत्रण की मांग कर रहे हैं। प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

गोरखपुर। मुख्य संवाददाता तापमान बढ़ने के साथ रामगढ़झील का जलस्तर उतरने से पैड़लेगंज-स्मार्टव्हील शो रूम रिंग रोड पर जमी शिल्ट और गंदगी से काफी दुर्गंध फैल रही है। दुर्गंध से परेशान मोहद्दीपुरवासी घरों की खिड़कियां बंद करने के लिए मजबूर हैं। वहीं, जैविक प्रदूषण बढ़ने से झील में शैवाल की मात्रा भी काफी ज्यादा हो गई है। ऐसे में जलीय जीव भी संकट में है।रामगढ़ झील के जल की गुणवत्ता लगातार बिगड़ती जा रही है। मोहद्दीपुर पड़हा मोहल्ले के रहने वाले अंचल अग्रवाल, मनीष, शिवेंद्र सिंह, साकेत विक्रम सिंह, अनुराग राय, संजय कुमार बताते हैं कि तेज हवा से दुर्गंध खिड़ियों से होकर घर के अंदर तक आ रही है।
बदबू न आए इसके लिए खिड़कियों को बंद रखना पड़ता है। सुबह-शाम टहलना भी छोड़ दिया है।शिक्षक नेता तारकेश्वर शाही, अधिवक्ता सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, पंकज पांडेय, नन्दलाल, कृष्णमोहन सिंह कहते हैं यदि समय रहते प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं किया गया तो ताल में जलीय जीव-जन्तुओं का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। हेरिटेज फाउंडेशन के मनीष चौबे बताते हैं कि जल स्रोत में जैविक प्रदूषण बढ़ने से सूक्ष्म वनस्पतियां व शैवाल तेजी से पनपने लगते हैं।उधर यूपी कांग्रेस के उपाध्यक्ष विश्वविजय सिंह ने शनिवार को अपने एक्स हैंडल पर वीडियो पोस्ट कर ताल के प्रदूषण पर चिंता जताई। लिखा कि प्रशासन कागजी कार्यवाही से आगे बढ़कर ताल को बचाने के लिए ठोस कदम उठाएगा, या करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी ताल बदहाल ही रहेगा?
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