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जीडीए उपाध्यक्ष के खिलाफ हाईकोर्ट ने जारी किया जमानती वारंट

चंदौली के एएसपी के खिलाफ वारंट

हाईकोर्ट की लखनऊ खंड पीठ में मंगलवार को तारामंडल जीडीए द्वारा दो प्रमुख कारोबारियों को 150 एकड़ जमीन आवंटन मामले में सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं होने पर जीडीए उपाध्यक्ष के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। हाईकोर्ट के जज ने सीजेएम को जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है। 
उद्योगपति ओम प्रकाश जालान और कालोनाइजर अनिल त्रिपाठी को आवंटित 150 एकड़ जमीन को फ्री होल्ड करने के प्रकरण में अवमानना को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही है। मंगलवार को कोर्ट ने डीएम और जीडीए उपाध्यक्ष को आवंटित जमीन पर लगे पेड़ों की गिनती कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था। सुनवाई को लेकर जिलाधिकारी के प्रतिनिधि और जीडीए उपाध्यक्ष के साथ आवंटी अनिल त्रिपाठी और ओमप्रकाश जालान के अधिवक्ता भी पहुंचे थे। सुनवाई शुरू होने के बाद जीडीए उपाध्यक्ष अमित सिंह बंसल के कोर्ट में उपस्थित नहीं होने को हाईकोर्ट के जज ने गम्भीरता से लेते हुए उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने दो सप्ताह बाद एक फिर सुनवाई की तारीख नियत की है। 
यह है प्रकरण
जीडीए ने तारामंडल क्षेत्र में 100 एकड़ जमीन उद्योगपति ओम प्रकाश जालान को और 50 एकड़ जमीन कालोनाइजर अनिल त्रिपाठी को आवंटित किया था। वर्ष 1997 में आवंटित जमीन में व्याज की रकम को लेकर मामला हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। कोर्ट ने जीडीए के विरोध में निर्णय दिया। जीडीए द्वारा जमीन का आवंटन नहीं करने पर दोनों आवंटियों ने हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में अवमानना दाखिल कर दी। जीडीए और प्रशासन के अधिकारियों ने आवंटित जमीन पर बड़ी संख्या में पेड़ होने की बात कही थी। जिसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर पेड़ों की गिनती की गई है। इसकी रिपोर्ट जीडीए और प्रशासन को कोर्ट में प्रस्तुत करना था।  

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  • Web Title:Warrant issued by High Court against GDA Vice President