Hindi NewsUttar-pradesh NewsGorakhpur NewsVoter List Revision in Gorakhpur Elimination of Duplicate and Bogus Voters
घर-घर होगी वोटर लिस्ट की जांच, BLO करेंगे वेरिफाई; फर्जी नाम काटने की तैयारी

घर-घर होगी वोटर लिस्ट की जांच, BLO करेंगे वेरिफाई; फर्जी नाम काटने की तैयारी

संक्षेप: Gorakhpur News - 22 साल बाद शुरू हो रहे वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में 2003 की लिस्ट के आधार पर बोगस और डुप्लीकेट वोटरों को खत्म किया जाएगा। BLO घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। जो लोग कैलकुलेशन शीट नहीं भरेंगे, उनके नाम काट दिए जाएंगे।

Thu, 30 Oct 2025 03:23 AMNewswrap हिन्दुस्तान, गोरखपुर
share Share
Follow Us on

22 साल बाद शुरू होने वाले वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बोगस और डुप्लीकेट वोटर खत्म हो जाएंगे। एसआईआर के लिए वोटर लिस्ट को फ्रीज कर दिया गया है। अब बीएलओ घर-घर जाएंगे। वे दो प्रतियों में कैलकुलेशन शीट को लोगों में बांटेंगे और उनकी ओर से भरे जाने पर एक शीट वापस ले लेंगे। जहां कैलकुलेशन शीट लेने वाले नहीं होंगे या कैलकुलेशन शीट वापस नहीं जमा होगी तो उनके नाम काट दिए जाएंगे। बता दें, 2003 की वोटर लिस्ट के आधार पर एसआईआर शुरू किया गया है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

जिन वोटरों का नाम 22 साल पुरानी वोटर लिस्ट में है, उन्हें मान्य 12 दस्तावेजों में कोई भी प्रमाण नहीं देना होगा। ऐसे वोटर 50 प्रतिशत से भी कम हैं। इसमें नए वोटर के पंजीकरण होंगे, जबकि पुराने रिकार्ड का डिजिटल सत्यापन भी होगा। इसमें बीएलओ घर-घर सत्यापन करेंगे तो बोगस वोटर बाहर हो जाएंगे। बता दें, सबसे अधिक बोगस वोटर शहरों में हैं, जबकि बेटी और बहूओं के नाम दो स्थानों पर होने की डुप्लीकेसी भी है। इसमें सभी वोटर के रिकॉर्ड का मिलान ऑल-इंडिया डेटाबेस से होगा। जिन वोटरों का नाम 2003 में जिस स्थान पर रहा, 2025 में उनका नाम कहीं और है तो एक स्थान पर उनका नाम कट जाएगा।

डिजिटल सिस्टम से गलतियों पर रोक

एसआईआर की सफलता के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी किए जाएंगे। शिक्षण संस्थानों, ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में युवाओं को वोटर बनाया जाएगा। इस बार निर्वाचन आयोग ने डिजिटल टूल्स का प्रयोग बढ़ाया है। एप आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी मतदाता का नाम दो जगह न रहे। डेटा एंट्री से पहले हर एंट्री की ऑटो-वैलिडेशन होगी। भारत निर्वाचन आयोग ने बीएलओ को विशेष तकनीकी एक्सेस दिया है, जिससे वे मतदाता के नाम, जन्मतिथि और आधार संख्या के आधार पर पूरे देश के डेटाबेस से जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे डुप्लीकेट वोटर बाहर जाएंगे।