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21 सितम्बर, 2020|9:02|IST

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टीकाकरण अभियान: न पीपीई किट, न ग्लब्स, न मास्क न सैनेटाइजर

जिले की 1352 ग्राम पंचायतों में 18 अगस्त से शुरू हुआ 5 लाख पशुओं के टीकाकरण एवं टैगिंग का अभियान कोविड-19 के संक्रमण के खतरे के बीज जारी है। विभाग ने इसके लिए वैक्सीनेटर और हेल्पर का लगाए हैं लेकिन कोविड 19 के संक्रमण की चिन्ता न तो वे स्वयं कर रहे न ही विभाग ही कर रहा है। दूसरे जिलों में टीकाकरण के लिए अस्थाई रूप से जोड़े गए इन कर्मचारियों को मास्क, सैनेटाइजर के साथ ग्लब्स और पीपीई किट भी उपलब्ध कराया जा रहा है लेकिन जिले में इन सब की कोई सुविधा नहीं है। दूसरी ओर जिले में शनिवार को सदर पशु चिकित्सालय का एक स्टाफ और कुसम्ही में वेटेनरी फार्मासिस्ट की मॉ कोरोना पॉजिटीव हो गई हैं। इसके साथ ही पशुपालन विभाग में डॉक्टर समेत अब तक 10 कोरोना पॉजिटिव केस रिपोर्ट किए जा चुके हैं। 

दिक्कत
जिले में ऐसे चल रहा भारत सरकार का मुंहपका-खुरपका अभियान
-1352 ग्राम पंचायत में वैक्सीनेटर और हेल्पर लगा रहे टीके
-डॉक्टर, फार्मेसिस्ट एवं पशुधन प्रसार अधिकारी जुटे,सुरक्षा को लेकर चिन्हित
-सुरक्षा कारणों से पशुओं की टैगिंग का काम लगभग प्रभावित

पशुधन प्रसार अधिकारी संघ उत्तर प्रदेश के जिला अध्यक्ष टीएन सिंह, मंत्री घनश्याम एवं उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा संघ के जिला अध्यक्ष डॉ अजय कुमार पटेल की मांग है कि सरकार पशुपालन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को कोरोना योद्धा की श्रेणी में शामिल करें। एफएमडी टीकाकारण का काम कम जोखिम वाला नहीं है। इसके अलावा सेनेटाइजर, थर्मल स्कैनर, पीपीई किट, फेस शील्ड, ग्लब्स की सुविधा भी प्रदान की जाए। डॉक्टरों का कहना है कोई पशुपालक कोविड 19 से संक्रमित है, यह हमें कैसे मालूम होगा? इसलिए हम अपना बचाव भी नहीं कर सकते। वैक्सीनेटर और हेल्पर का कहना है कि टीकाकरण या टैंगिंग करते समय ज्यादातर पशुपालक पास ही रहता है। यह अपने पशु को बार बार छूता भी रहता है। पशुपालन विभाग के एक चिकित्सक कहते हैं कि एनिमल की त्वचा से कोविड-19 फैलेगा या नहीं, यह भविष्य के गर्भ में है। 
कोविड 19 के दौर में परिवार पालने की जिम्मेदारी
टीकाकरण अभियान में 200 वैक्सीनेटर और हेल्पर सेवाएं दे रहे हैं। अपना नाम सार्वजनिक करने से इनकार करते हुए कहते हैं कि गैर सरकारी लोग हैं। कोविड 19 के संक्रमण के दौर में कुछ आमदनी हो जाए, इसलिए यह जोखिम उठा रहे। फिल्ड में कुछ अपने मुंह पर रुमाल बांधे तो कुछ कपड़े का मास्क पहने दिखे। लेकिन हाथ में न ग्लब्स था न पास में सैनेटाइजर। पीपीई किट तो दूर की बात है। दूसरी ओर ज्यादातर पशुपालक टैंगिग से इनकार करते हैं लेकिन विभागीय दबाव में वैक्सीनेटर टैगिंग भी कर रहे हैं। 
31316 पशुओं को लगे टीके
18 अगस्त से शुरू टीकाकरण अभियान के अंतर्गत अब तक 31316 पशुओं को टीकाकरण किया गया है। जिले में 5 लाख पशुपओं के टीकाकरण का लक्ष्य है जिसके लिए सभी ब्लाक मुख्यालय पर उपलब्ध करा दिए गए हैं।

‘‘टीकाकरण अभियान कोरोना संक्रमण का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। सभी पशु अस्पतालों को फेश शिल्ड, फेस मास्क, सैनेटाइजर, उपलब्ध कराया गया है। साथ ही सोशल डिस्टेसिंग का भी ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। ’’
डॉ डीके शर्मा, जिला मुख्य पशु चिकित्साधिकारी गोरखपुर

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  • Web Title:Vaccination Campaign: No PPE Kit No Globs No Mask nor Sanitizer