Gorakhpur News: दोषी पाए जाने पर प्रशासक के पद से हटाए जाएंगे प्रधान
Gorakhpur News: गोरखपुर: यूपी सरकार ने प्रधानों के प्रशासक नियुक्ति के नियम और सख्त कर दिए हैं। वित्तीय अनियमितता या जांच में दोषी पाए गए प्रधानों को प्रशासक नहीं बनाया जाएगा। ऐसे मामलों में सहायक विकास अधिकारी को प्रशासक नियुक्त किया जाएगा। यह नई व्यवस्था 22 जुलाई को जारी दिशा-निर्देशों के माध्यम से लागू की गई है।

Gorakhpur News: गोरखपुर, निज संवाददाता। कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने के बाद प्रदेश सरकार ने नियम और सख्त कर दिया है। वित्तीय अनियमितिता करने वाले या जांच में दोषी पाए गए निवर्तमान प्रधान प्रशासक नहीं बने रह पाएंगे। उनकी जगह सहायक विकास अधिकारी को प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। 22 जुलाई को शासन ने पंचायती राज विभाग को प्रशासकों की नियुक्ति को लेकर दिशा-निर्देश जारी किया है। उपनिदेशक पंचायत हिमांशु शेखर ठाकुर ने बताया कि शासन ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्वतमान प्रधान अपने कार्यकाल से सं संबंधित जांच में दोषी पाए जाते हैं, उनके विरुद्ध वसूली का आदेश जारी होता है या वह वित्तीय अनियमितता के कारण जेल में रहे हैं तो उन्हें प्रशासक के पद से हटा दिया जाए।
उनकी जगह सहायक विकास अधिकारी पंचायत को प्रशासक नियुक्त किया जाएगा। साथ ही अपने कार्यकाल में निर्वतमान प्रधान दोषी पाय जाता है तो उसके खिलाफ भू-राजस्व की भांति वसूली की जाएगी।यदि सहायक विकास अधिकारी भी प्रशासक के पद पर रहते हुए पद का दुरुपयोग करता है तो उसके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। ग्राम पंचायतों में प्रधान के प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने या मृत्यु होने के बाद अथवा ग्राम प्रधान के द्वारा त्याग पत्र दिए जाने के बाद अस्थायी व्यवस्था के लिए नामित किए जाने की कार्यवाही प्रचलन में थी। अब शासन ने नई व्यवस्था बनाई है।


