
श्वान पालन एवं प्रजनन नियंत्रण केंद्र की स्थापना का बना मॉडल
Gorakhpur News - -कंस्ट्रक्शन एवं डिजाइन सर्विसेज ने सूबे के लिए बनाया प्रस्ताव, मंजूरी का इंतजार -निगम क्षेत्र
राजीव दत्त पांडेय गोरखपुर। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में प्रदेश सरकार श्वान पालन (डॉग शेल्टर) एवं पशु प्रजनन नियंत्रण केंद्र (एबीसी सेंटर) के लिए मॉडल बनाने में जुटी है। इसी कड़ी में जलनिगम उत्तर प्रदेश नगरीय की कार्यदायी संस्था कंस्ट्रक्शन एण्ड डिजाइन सर्विसेज संस्था ने सूबे के नगर निगमों में 200 की क्षमता का डॉग शेल्टर और जिला मुख्यालय पर 25 निराश्रित श्वानों की क्षमता का एबीसी सेंटर का डिजाइन तैयार किया है। शासन से मंजूरी का इंतजार है। शासन के पूर्व निर्देश पर कंस्ट्रक्शन एण्ड डिजाइन सर्विसेज ने 500 श्वानों की क्षमता का डॉग शेल्टर बनाने के लिए 13.02 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया था।
लेकिन 27 दिसंबर और 29 दिसंबर को प्रमुख सचिव नगर विकास के साथ बैठक में मिले सुझाव के आधार पर सूबे के सभी नगर निगमों एवं जिला मुख्यालयों के लिए श्वान पालन एवं प्रजनन नियंत्रण केंद्र की स्थापना का यह मॉडल विकसित किया गया है। नगर विकास विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस प्रस्ताव के माध्यम से शहरी एवं जिला स्तर पर आवारा श्वानों के मानवीय प्रबंधन, जनस्वास्थ्य सुरक्षा और पशु कल्याण को प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की योजना बनाई गई है। निगमों में 4.71 करोड़ रुपये से बनेंगे डॉग शेल्टर नगर निगम क्षेत्र में प्रारंभिक श्वान पालन केंद्र की स्थापना का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके अंतर्गत प्रारंभिक रूप से 200 श्वानों के पालन की व्यवस्था की जाएगी। भविष्य में इसकी क्षमता 1000 श्वानों तक बढ़ाए जाने को ध्यान में रखते हुए कुल 15,464 वर्ग मीटर भूमि की आवश्यकता जताई गई है। परियोजना की अनुमानित लागत 4.71 करोड़ रुपये है। इस केंद्र में मुख्य भवन का निर्माण होगा, जिसमें ओपीडी और डार्मेटरी की सुविधा होगी। इसके अतिरिक्त 20 एकल केनल, 16 कम्युनिटी केनल, किचन सह स्टोर, श्वानों के निस्तारण के लिए इन्सीनीरेटर और साइट डेवलपमेंट से संबंधित सभी कार्य होंगे। जिला मुख्यालयों पर बनेंगे एबीसी सेंटर जिला मुख्यालयों स्तर पर श्वान प्रजनन नियंत्रण एवं पालन केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव भी तैयार है। इस केंद्र में प्रतिदिन 25 श्वानों के प्रजनन नियंत्रण (नसबंदी) की क्षमता होगी, जबकि प्रारंभिक रूप से 100 श्वानों के पालन की व्यवस्था की जाएगी। भविष्य में यहां भी 1000 श्वानों तक क्षमता बढ़ाने की योजना है। इस केंद्र की अनुमानित लागत 531.91 लाख रुपये तय की गई है। यहां भी अन्य सुविधाएं होंगी। पशु जन्म नियंत्रण कमेटी ने की आलोचना गोरखपुर नगर निगम की पशु जन्म नियंत्रण कमेटी के सदस्य मनीष चौबे सवाल उठाते हैं। उनका कहना है कि गोरक्षनगरी में बफर जोन मिलाकर 70 हजार श्वान हैं। इस लिहाज से 20 हजार श्वानों के लिए डॉग शेल्टर बनाना पड़ेगा। नगर निगम ने स्वयं सात हजार श्वानों को रखने के लिए शेल्टर बनाने का प्रस्ताव शासन में एक माह पहले ही भेजा है। ऐसे में सीएण्डडीएस का यह मॉडल स्वीकार योग्य नहीं है। दूसरे, 25 निराश्रित कुत्तों का प्रतिदिन बंध्याकरण करके हम 2030 तक रेबीजमुक्त सिटी की कल्पना नहीं कर सकते। शासन के निर्देश पर हमने निगम स्तर पर डॉग शेल्टर और मुख्यालय स्तर पर एबीसी सेंटर और डॉग शेल्टर का मॉडल बनाकर संयुक्त सचिव नगर विकास को सौंप दिया है। उस पर शासन स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। सौरभ श्रीवास्तव, महाप्रबंधक, कंस्ट्रक्शन एवं डिजाइन सर्विसेज

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