अब गांव-गांव पहुंचेगी बस, 800 बस्तियों को मिलेगी नई राह

Mar 11, 2026 02:32 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गोरखपुर
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Gorakhpur News - गोरखपुर में मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026 को मंजूरी मिल गई है। इस योजना के तहत लगभग 800 छोटे गांवों में बस सेवा शुरू होगी, जिससे ग्रामीणों को जिला मुख्यालय आने-जाने में सहूलियत होगी। पहले से ही 168 रूट चिन्हित किए जा चुके हैं, जिनमें से 56 रूटों पर जल्द ही बस सेवा शुरू होगी।

अब गांव-गांव पहुंचेगी बस, 800 बस्तियों को मिलेगी नई राह

गोरखपुर, निज संवाददाता। ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026 को मंजूरी मिल गई है। योजना के तहत गोरखपुर जिले के लगभग 800 ऐसे छोटे-छोटे गांवों तक बस सेवा शुरू होगी, जहां अब तक परिवहन निगम की बसें नहीं पहुंच पाई हैं। गांवों के लोगों को जिला मुख्यालय आने-जाने में काफी परेशानी होती है। ग्रामीणों की सबसे बड़ी जरूरत यह रहती है कि वे सुबह शहर आकर अपना काम निपटाएं और शाम को सुरक्षित गांव लौट सकें। योजना लागू होने के बाद यह सुविधा उन्हें आसानी से मिल सकेगी। परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) लव कुमार सिंह ने बताया कि कैबिनेट की सहमति के बाद शासन से प्रस्ताव आने पर रूट मैप तैयार किया जाएगा और इसके लिए परिवहन निगम की एक कमेटी गठित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि अलग अलग गांवों को केंद्र बनाकर बसों का संचालन किया जाएगा। इससे एक बस के माध्यम से आसपास के कई गांवों के यात्रियों को लाभ मिल सकेगा।बता दें कि इससे पहले भी इसी तरह की योजना के तहत 168 ऐसे रूट चिन्हित किए गए थे जहां बस सेवा उपलब्ध नहीं थी। इनमें से 123 रूटों पर अनुबंध की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि कई चरणों की टेंडर प्रक्रिया के बाद फिलहाल 12 रूटों पर ही बस संचालन शुरू हो चुका है, जबकि 44 रूटों का टेंडर भी हुआ है। कुल मिलाकर 56 रूटों पर जल्द बस सेवा शुरू होगी।बदलेगा रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, जिसकी जमीन वही कर सकेगा रजिस्ट्रीगोरखपुर, निज संवाददाता। रजिस्ट्री कार्यालय में अब खतौनी की जांच के बाद ही रजिस्ट्री की जाएगी। इससे फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाया जाएगा। कूटरचना के कारण बढ़ रहे विवादों में कमी लाने के लिए यूपी कैबिनेट में स्वीकृत हुए प्रस्ताव के बाद सुधार की संभावना बढ़ गई है। राज्य सरकार रजिस्ट्रीकरण अधिनियम में नई धाराएं जोड़ने का प्रस्ताव ला रही है। इसके अंतर्गत सब रजिस्ट्रार के अधिकार भी बढ़ जाएंगे।कलक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को यूपी कैबिनेट में स्वीकृत हुए प्रस्ताव की चर्चा कचहरी परिसर में होती रही। दस्तावेज लेखक संघ के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष शैलेष कुमार गोस्वामी ने कहा कि रजिस्ट्रीकरण अधिनियम में नई धाराएं जुड़ने से सब रजिस्ट्रार के अधिकार बढ़ गए हैं। पहले स्टॉम्प शुल्क प्राप्त करके पंजीकरण करने का नियम था, जबकि मालिकाना हक की जांच का अधिकार नहीं था। कोई भी अधिवक्ता या दस्तावेज लेखक पूछते थे कि किस धारा के अंतर्गत रजिस्ट्री रोकी जा रही है? ऐसे सवालों का जवाब सब रजिस्ट्रार लिखित तौर पर नहीं देते थे, जबकि अब दस्तावेजों की कमी के हवाले से सब रजिस्ट्रार लिखित जवाब देंगे कि रजिस्ट्री क्यों रोकी गई है। नए नियम कूटरचना के मामलों में कमी आएगी। अधिवक्ता अभिनव श्रीवास्तव ने कहा कि रजिस्ट्री से पहले संपत्ति की सही पहचान सुनिश्चित की जाएगी।रजिस्ट्री के साथ स्वामित्व, अधिकार और कब्जे से जुड़े आवश्यक दस्तावेज लगाना अनिवार्य होगा। यदि ये दस्तावेज उपलब्ध नहीं होंगे तो पंजीकरण अधिकारी रजिस्ट्री करने से मना कर सकेगा। अब हिस्से से अधिक संपत्ति को बेचना कठिन होगा। इससे मुकदमों की संख्या कम होगी। अधिवक्ता शुभेंद्र सत्यदेव ने कहा कि अधिनियम 35-ए के अंतर्गत धारा 17(1) के अंतर्गत आने वाली अचल संपत्ति से संबंधित लिखतों के साथ स्वामित्व, अधिकार, कब्जे अथवा अंतरण से संबंधित आवश्यक दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य होगा। यदि ये दस्तावेज संलग्न नहीं होंगे तो पंजीकरण अधिकारी पंजीकरण से इन्कार कर सकेगा।एक हजार से अधिक शिक्षकों को मिलेगा चिकित्सा सुविधा का लाभगोरखपुर। उच्च शिक्षा के शिक्षकों और शिक्षणेत्तकर्मियों को नकदरहित चिकित्सा सुविधा मिलने की घोषणा ने विवि के कर्मियों और शिक्षकों के चेहरे पर खुशी ला दी है। इस फैसले पर शिक्षकों और कर्मियों ने खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है। कर्मियों का कहना है कि इसके लिए काफी दिनों से लड़ाई लड़ी जा रही थी। इस योजना का लाभ विवि के 200 से अधिक कर्मियों को मिलेगा। बता दें कि करीब 320 कर्मियों का पद विवि में है, जिसके सापेक्ष 195 के आसपास कर्मियों की भर्ती है। ऐसे में इन कर्मियों को सीधे तौर पर चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। इसी तरह करीब 300 से अधिक शिक्षकों को भी इसका लाभ सीधे तौर पर मिलेगा। वहीं, एमएमएमयूटी के शिक्षकों और कर्मियों ने भी इस फैसले पर खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है। बताया जा रहा है कि विवि और एमएमएमयूटी मिलाकर एक हजार से अधिक शिक्षक और कर्मचारी सीधे तौर पर इसका लाभ पा सकेंगे।डीडीयू कर्मियों ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभारगोरखपुर। प्रदेश सरकार के विश्वविद्यालय के शिक्षणेत्तर कर्मियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान किए जाने के निर्णय पर डीडीयू की संघर्ष समिति, कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है। साथ ही योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन विवि के अधिकारियों को सौंपा। इस मौके पर विवि कर्मचारियों ने आपस में एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर हर्ष व्यक्त किया है। इस दौरान मनीष कुमार त्रिपाठी, रामेश्वर पाण्डेय, राजबहादुर सिंह गौतम, फणेश तिवारी, रघुनाथ मिश्रा, जितेन्द्र बहादुर सिंह, राहुल त्रिपाठी, सूरज राजभर, अवनीश पाण्डेय, मो. रेहान, वरुणेंद्र पाण्डेय आदि मौजूद रहे।

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