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आर्थिक संकट से उबरने के लिए यूपी शुगर मिल एसोसिएशन ने सरकार से लगाई गुहार

आर्थिक संकट से उबरने के लिए यूपी शुगर मिल एसोसिएशन ने सरकार से लगाई गुहार

राज्य के किसानों के बकाया 9 करोड़ रुपये के गन्ना मूल्य भुगतान के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जहां चीनी मिल मालिकों पर दबाव बढ़ा दिया है। उत्तर प्रदेश शुगर मिल एसोसिएशन ने भी सरकार पर आर्थिक दिक्कतों का हवाला देते हुए गन्ना किसानों के हित में आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष सीबी पटौदिया ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पिछले सप्ताह ज्ञापन प्रेषित कर 4 सूत्रीय मांग पत्र दिया। पत्र में चीनी उद्योग एवं किसानों के हित का हवाला देते हुए बताया गया कि सरकार द्वारा गन्ना का घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य देने की स्थिति में चीनी मिले नहीं है। चीनी मिले 2850 रुपये प्रति कुंतल की दर से चीनी बेचने को मजबूर हैं। इस कारण चीनी मिलों को काफी क्षति उठानी पड़ रही है। उन्होंने चीनी की कीमत 40 रुपये प्रति कुंतल रखे जाने की मांग की है। बताया कि महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए राज्य सरकार से 3400 प्रति कुंतल की दर से चीनी का बफर स्टाक बनाने की मांग की है।

इसके अलावा एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने की मांग की है। यह कमेटी राजस्व वितरण का फामूला बनाए। इसके साथ गन्ना मूल्य की तत्काल प्रभाव से टिकाऊ दर तय करें। सुगर यूनियन ने मिल संचालन के लिए लागत पूंजी की अनुलब्धता की स्थिति में दोहरी गन्ना मूल्य भुगतान प्रक्रिया बनाने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि मिलर्स ने राज्य सरकार से राजस्व के आधार पर तार्किक और आर्थिक रूप से टिकाऊ गन्ना मूल्य पर काम करने का आग्रह किया है।

15 अक्तूबर तक भुगतान नहीं तो होगी एफआईआर: योगी

प्रदेश की गन्ना मिलों पर किसानों का तकरीबन 9 हजार करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान बकाया है। इसके लिए किसान लगातार सरकार और मिल मालिकों पर दबाव बनाए हुए हैं। उधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मिल मालिकों को 15 अक्तूबर तक हर हाल में गन्ना भुगतान करने का निर्देश दिया है। अन्यथा 15 अक्तूबर के बाद एफआईआर दर्ज कराने की हिदायत दी है।

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  • Web Title:UP Sugar Mill Association asked help from Govt