DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सीआईबी की छापेमारी में फर्जी आईडी से रेल टिकट बनाते दो सगे भाई गिरफ्तार

फर्जी आईडी पर रेल टिकट बनाते हुए दो सगे भाईयों को सीआईबी ने छापेमारी कर दबोच लिया। घांटी बाजार  एमके ट्रेवेल्स के नाम से ये अपनी एजेंसी चलाते थे। इनके पास से 3.5 लाख नगद व 71 आरक्षित टिकट बरामद किया गया। आरक्षित टिकट की कीमत करीब 7 लाख रुपए बतायी जा रही है। 

सीआईबी प्रभारी संजय राय को सूचना मिली थी कि साफ्टवेयर के जरिए घांटी में एक दुकानदार द्वारा आईआरसीसीटी के जरिए टिकट बुक कर बेचा जाता है। शुक्रवार को प्रभारी संजय कुमार राय ने अपने सहयोगी दिलीप सिंह, अमित कुमार, सुनील कुमार, अलोक के साथ एमके ट्रवेल्स पर छापेमारी की। जांच में फर्जी आईडी पर टिकट बनाए जाने की पुष्टि होते ही टीम ने सिंहपुर निवासी दुकानदार मनोज कुमार चौरसिया तथा उसके भाई अर्जुन को अपने गिरफ्त में ले लिया।

टीम के अनुसार दोनों भाईयों ने पिछले छह माह में करीब 25 फर्जी आईडी व साफ्टवेयर के जरिए 9.5 लाख रुपए का टिकट बनाया था। दोनों भाई तत्काल टिकटों को बनाकर अधिक कीमत पर जरुरतमंदों को बेचते थे। दुकान से 71 तत्काल व सामान्य आरक्षित टिकट जिसकी कीमत करीब 7.11 लाख रुपए, दो लैपटाप, 3.5 लाख नगद व प्रिंटर बरामद किया गया। दुकानदार प्रतिबंधित साफ्टवेयर के जरिए चंद मिनट में ही तत्काल टिकट बनाकर बेचते थे। दोनों को आरपीएफ ने रेलवे की धारा 143 के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया। 

पिछले माह में दुकानदार ने प्रतिबंधित साफ्टवेयर के जरिए करीब 9.5 लाख का टिकट फर्जी आईडी के जरिए बनाकर बेचा है। दुकान से 3.5 लाख नगद दो लैपटाप व एक प्रिंटर के साथ दो भाईयों को गिरफ्तार कर रेलवे अधिनियम में जेल भेज दिया गया है। दोनों भाईयों ने कुछ अन्य का नाम भी बताया है जिन्हे जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।  तत्काल टिकट की दलाली रोकने के लिए लगातार छापेमारी कर ऐसे आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है। 
संजय कुमार राय, प्रभारी सीआईबी भटनी

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Two real brother arrested with Railway tickets made on fake ID