Gorakhpur News: राजघाट हादसा : गुंबद गिरने से मौत में सिंचाई विभाग के अधिकारी और ठेकदार समेत छह हिरासत में
Gorakhpur News: राजघाट हादसा -राजघाट स्थित गुरु श्री गोरखनाथ घाट पर निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने

Gorakhpur News: गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। राप्ती नदी के किनारे राजघाट स्थित गुरु गोरक्षनाथ घाट पर रविवार को गुंबद गिरने से दो अधिवक्ताओं की मौत के मामले में दर्ज केस में पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में ले लिया है। इनमें सिंचाई विभाग के ड्रेनेज खंड में निर्माण के दौरान तैनात रहे सहायक अभियंता (एई) और अवर अभियंता (जेई), अभियंता शामिल हैं। चार अधिकारियों में से एक रिटायर अभियंता को पुलिस लखनऊ से लेकर आई है। इसके अलावा घाट का निर्माण कराने वाली फर्म के दो ठेकेदार हैं। सभी को पुलिस लाइन लाकर पूछताछ की जा रही है। हालांकि, इनमें से किसी दोषी बनाया जाएगा, इस पर असमंजस हैं।
अधिकारी इस प्रकरण भी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। गोरक्षनाथ घाट पर बने गुंबद के अचानक गिरने से वहां अंत्येष्टि में शामिल होने पहुंचे अधिवक्ता आलोक अस्थाना और संजय सिंह की रविवार को मौत हो गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गुंबद गिरने से ठीक पहले बिजली कड़कने की तेज आवाज सुनाई दी थी। प्रथमदृष्टया प्रशासन की जांच में भी बिजली गिरने को हादसे की वजह माना गया। इसी आधार पर आपदा विभाग की ओर से दोनों मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी गई। हादसे के बाद अधिवक्ताओं और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया।कई लोगों ने गुंबद गिरने की वजह सिर्फ बिजली गिरना मानने पर सवाल उठाते हुए घाट के निर्माण की गुणवत्ता की जांच की मांग की। घाट परिसर में बने अन्य गुंबद और गजीबो की दीवारों और छतों में दरारें होने की बात सामने आई। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठे। इसके बाद प्रशासन ने निर्माण से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच शुरू कराई। डीएम के निर्देश पर मृत अधिवक्ता संजय सिंह की पत्नी की तहरीर पर राजघाट थाने में ठेकेदार, निर्माण के समय तैनात एई-जेई और सीएमओ के खिलाफ केस दर्ज किया गया। पुलिस ने अब इसी मुकदमे की जांच के क्रम में निर्माण से जुड़े अधिकारियों और ठेकेदारों हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।


