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तीन साल बाद पकड़े गए वकील विजय कुमार की हत्‍या के दो आरोपी

तीन साल बाद पकड़े गए वकील विजय कुमार की हत्‍या के दो आरोपी

अधिवक्ता विजय कुमार श्रीवास्तव की हत्या में शामिल दो आरोपियों को क्राइम ब्रांच और गोरखनाथ पुलिस ने बुधवार को एक संयुक्त अभियान में तीन साल बाद गिरफ्तार कर लिया है। इनके ऊपर एसएसपी ने 15-15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। दोनों के विरुद्ध लूट और हत्या के प्रयास के भी कई मुकदमे दर्ज हैं।

गोरखनाथ इलाके में अगस्त 2015 में अधिवक्ता विजय कुमार श्रीवास्तव की हत्या हुई थी। उस मामले के दो आरोपी गिरफ्तार किए गए थे पर खजनी क्षेत्र के लकड़ी हट्टा, गरुणपार निवासी अश्वनी उर्फ राकी तथा इसी क्षेत्र के गड़ौना निवासी विरेंद्र उर्फ डेविड फरार चल रहे थे। एसएसपी शलभ माथुर ने बताया कि गोरखनाथ इलाके में हुई लूट व हत्या की घटनाओं का पर्दाफाश करने के लिए थाने के साथ ही क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम गठित की गई थी। एसपी सिटी विनय कुमार सिंह के दिशा-निर्देशन और क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ प्रवीण सिंह नेतृत्व में काम रही इस टीम ने सुभाष चंद्र बोस नगर बंधे के पास से बुधवार की शाम चार बजे के आसपास बाइक सवार दो युवकों को संदेह के आधार पर पकड़ा। तलाशी लेने पर उनके पास से 315 बोर का तमंचा, एक खोखा और दो कारतूस और तीन हजार रुपये बरामद हुए।

घर से बुलाकर ले जाने के बाद हुई थी अधिवक्ता की हत्या

कड़ाई से पूछताछ करने पर उन्होंने अधिवक्ता विजय कुमार श्रीवास्तव की हत्या में शामिल होने की बात कबूल की। इलाहीबाग, तिवारीपुर निवासी अधिवक्ता की 18 अगस्त 2015 की रात में हत्या कर दी गई थी। दो लोग उन्हें घर से बुलाकर ले गए थे। बाद में गोरखनाथ क्षेत्र के इंडस्ट्रीयल एरिया में सड़क के किनारे उनकी लाश मिली थी। बदमाशों ने गोली मारकर उनकी हत्या की थी। इस मामले में दो बदमाश उसी समय गिरफ्तार किए गए थे। घटना में शामिल दो अन्य बदमाश फरार चल रहे थे। भूमि संबंधी एक मुकदमे की पैरवी करने पर उनकी हत्या की गई थी।

बदमाशों ने हत्या के अलावा दो लूट भी की थी

एसएसपी ने बताया कि अधिवक्ता की हत्या के अलावा दोनों बदमाशों ने इस साल 23 मई को चौरीचौरा क्षेत्र में मझना नाला के पास परविंद्र चौधरी से और नौ मई को कैंट क्षेत्र में मंगला माता मंदिर के पास अंकुर सिंह से लूट की बात भी कबूल की है। लूट की इन दोनों घटनाओं में दोनों बदमाशों का नाम पहले ही प्रकाश में आ गया था। इसी आधार पर एसएसपी ने उन पर इनाम घोषित किया था। पूछताछ में उन्होंने हत्या, हत्या के प्रयास, लूट की दो वारदात को अंजाम देने के साथ ही एक व्यक्ति के साथ धोखाधड़ी करने की बात भी कबूल की है। सभी मामलों में अलग से मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।

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  • Web Title:Two accused of Adocate murder case arrested after three years in Gorakhpur