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हार्न के संकेत से चलती है ट्रेन, लगता है इमरजेंसी ब्रेक

हार्न के संकेत से चलती है ट्रेन, लगता है इमरजेंसी ब्रेक

शायद आपको यह जानकर हैरानी हो कि संचार के अत्याधुनिक संसाधन के बाद भी ट्रेनें हार्न (सीटी) के संकेत से चल रही हैं। वैसे तो वाकी-टाकी ट्रेन संचलन में काफी अहम भूमिका निभा रही है लेकिन हार्न के विभिन्न प्रकार चालक, गार्ड और स्टेशन मास्टर को एक साथ जोड़े रखता है। ट्रेन चलाने के एक छोटी सीटी देकर चालक गार्ड को अलर्ट करता है कि अब वह गाड़ी आगे बढ़ाने जा रहा है।

इस उस संकेत को ग्रहण गार्ड झंडी या टार्च से अपनी सहमति जताता है। गार्ड से सिग्नल प्राप्त करने के लिए चालक दो छोटे हार्न देता है। जबकि एक छोटे और एक बड़े हार्न देकर चालक गार्ड को ब्रेक रिलीज करने का संकेत देता है। ब्रेक न लगने की स्थिति में तीन छोटे हार्न देकर चालक गार्ड को बे्रक लगाने का संकेत देता है।

जबकि चार छोटे हार्न बजाकर चालक गार्ड को ट्रेन को बचाने का संकेत देता है। दो छोटे और दो बड़े हार्न देकर चालक गार्ड को इंजन तक बुलाने का संकेत देता है। रेल के जानकारों के अनुसार भले ही संचार के अत्याधुनिक संसाधन आ गए हों लेकिन संचार का अभी भी यह सबसे पुख्ता जरिया है। यह व्यवस्था ट्रेन के अस्तित्व में आने के समय है जो अभी तक चल रही है।

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  • Web Title:Train runs on the signal of horn in NER