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डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी की मौत के बाद घर पर मचा कोहराम

डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी की मौत के बाद घर पर मचा कोहराम

संतकबीरनगर में कार दुर्घटना के शिकार हुए डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी के गोरखपुर स्थित उनके घर में कोहराम मचा है। दोनों के परिवार के लोगों का रो-रो कर बुरा हाल है। दुर्घटना में मौत की खबर के बाद परिवारीजन संतकबीर नगर पहुंच गए हैं। मौत की खबर से उनके मोहल्ले के लोग भी आहत हैं। डॉक्टर रमेशचन्द्रा के घर तो उनकी पत्नी और बेटी ही मौजूद थी वह संतकबीरनगर चली गई हैं। मनीष की एक बार गोली से जान बच गई थी लेकिन दुर्घटना के रूप में आई मौत के वह शिकार हो गए। पड़ोस में हुए विवाद में बीच-बचाव के दौरान उन्हें गोली लगी थी।

दो बच्चों के पिता थे डॉक्टर रमेशचन्द्रा, बड़ा बेटा है इंजीनियर

मेडिकल कालेज प्रतिनिधि के मुताबिक डॉक्टर रमेश चन्द्रा गोरखपुर में बालाजी पुरम राप्तीनगर फेज चार में मकान बनवाकर रहते थे। घर पर पत्नी और बेटी पूजा रहती है। जबकि बड़ा देहरादून में इंजीनियर है। उसकी शादी हो गई है और परिवार के साथ देहरादून में ही रहता है। दुर्घटना की सूचना के बाद वह पत्नी के साथ घर के लिए रवाना हो गया है। उधर, रमेश चन्द्रा की पत्नी और बेटी दुर्घटना के बाद संतकबीरनगर चली गई । घर पर मोहल्ले के लोग जुटे हुए हैं। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि डॉक्टर साहब काफी मिलनसार थे।

पत्नी, बेटे और बाप का रो-रोकर हुआ बुरा हाल

पादरी बाजार प्रतिनिध के मुताबिक शक्ति नगर कॉलोनी के रहने वाले स्वास्थ्यकर्मी आशीष वर्मा की कार एक्सीडेंट में मौत की खबर के बाद उनके घर पर रिश्तेदार तथा मोहल्लेवासियों का जमावड़ा लग गया। लोग परिवार को ढाढ़स बधाने में लगे हुए हैं। मूल रूप से बलिया के रसड़ा के रहने वाले आशीष वर्मा परिवार के साथ शाहपुर थाना क्षेत्र के शक्ति नगर कॉलोनी में रहते थे। शाहपुर के पार्षद चन्द्रशेखर सिंह ने बताया कि आशीष वर्मा के पिता हरिश्चंद्र वर्मा विद्युत विभाग में एसडीओ थे। तीन साल पहले ही रिटायर हुए हैं। बेटो के साथ ही यहीं रहते हैं। आशीष के छोटे भाई आदित्य वर्मा 108 एंबुलेंस सेवा में पीएम की पोस्ट पर मऊ में कार्यरत हैं।

दो बच्चों के पिता थे आशीष

आशीष दो बच्चों के पिता थे। उनका छह वर्ष का बेटा ईशान घर पर जुटी भीड़ को देखकर पापा-पापा कह कर रो रहा है। वहीं पत्नी की चीख सुनकर मोहल्लेवालों का कलेजा बाहर निकल जा रहा है। पति के खोने के गम में पागलो जैसी उनकी हालत हो गई है। मोहल्लेवालों ने बताया कि आशीष वर्मा बहुत मिलनसार व्यक्ति थे। हर समय लोगों के सुख-दुख में पहुंचा करते थे।

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  • Web Title:Tragic: Sorrow at Doctors house after Accidental death