Gorakhpur News: एक साथ बैठे थे, एक साथ ही विदा हुए दोनों वकील दोस्त

हिन्दुस्तान, गोरखपुर
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Gorakhpur News: राजघाट हादसे में गई थी जान, सोमवार को अलग-अलग मुक्तिधाम में दी गई अंतिम विदाईकों के जुबां पर हादसे की ही चर्चा थी। सब हादसे के लिए निर्माण को ही जिम्म

Gorakhpur News: एक साथ बैठे थे, एक साथ ही विदा हुए दोनों वकील दोस्त

Gorakhpur News: गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। राप्ती तट के राजघाट स्थित श्रीगोरक्ष घाट परिसर में रविवार को गजीबो का गुंबद गिरने से एक साथ बैठे दो वकील दोस्तों की दबने से मौत हो गई थी। सोमवार को उनकी अंतिम विदाई भी लगभग एक ही समय अलग-अलग स्थानों पर हुई। वकील संजय सिंह को सहारा इस्टेट के मुक्तिपथ पर मुखाग्नि दी गई, जबकि उनके साथी अधिवक्ता आलोक अस्थाना का अंतिम संस्कार नगर निगम के मुक्तिधाम में किया गया। इस दौरान साथी अधिवक्तओं व शुभचिंतकों की आंखें नम थीं और हर जुबां पर हादसे की ही चर्चा थी। सभी हादसे के लिए निर्माण को ही जिम्मेदार ठहराते नजर आए।

दोनों वकील का हादसे का कारण

दरअसल, शाहपुर निवासी वकील की मां के निधन में शामिल होने के लिए दोनों वकील दोस्त संजय सिंह व आलोक अस्थाना राजघाट गए थे। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों चबूतरे पर बैठकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान अचानक ऊपर का छज्जा भरभराकर उनके ऊपर गिर पड़ा। मलबे में दबकर दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया गया था।

अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन

घटना से नाराज अधिवक्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन भी किया था, जिसके बाद कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग के तत्कालीन एई, जेई व ठेकेदार अनीता सिंह पत्नी अनूप सिंह पर केस दर्ज किया गया है। इलाज में लापरवाही के मामले में सीएमओ व स्वास्थ्य कर्मियों पर भी केस दर्ज है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है, तो वहीं इस घटना के बाद से अधिवक्तओं के बीच में शोक की लहर है। सोमवार को दोनों की अर्थियां उठीं तो साथी अधिवक्ता भावुक हो गए। अंतिम विदाई में शुभचिंतकों का हुजूम उमड़ पड़ा।

दोनों अधिवक्ताओं की दोस्ती

दोनों अधिवक्ताओं के बीच गहरी दोस्ती थी। अदालत में साथ काम करने के दौरान उनका रिश्ता मजबूत हुआ था। रविवार को भी दोनों साथ ही राजघाट पहुंचे थे। किसी को अंदाज़ा नहीं था कि कुछ देर बाद यही उनकी जिंदगी की आखिरी यात्रा बन जाएगा।

शोक सभा और श्रद्धांजलि

गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक अस्थाना और संजय कुमार सिंह के असामयिक निधन से मर्माहत अधिवक्ताओं ने सोमवार को न्यायिक कार्य से विरत रहकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। बार एसोसिएशन सिविल कोर्ट के सभागार में अध्यक्ष उमापति उपाध्याय की अध्यक्षता में शोकसभा आयोजित हुई। संचालन एसोसिएशन के मंत्री अनुज अस्थाना ने किया।

शोकसभा में अधिवक्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। कहा कि दोनों अपने व्यवहार और कार्यकुशलता के कारण साथियों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय थे। इस दौरान प्रदेश बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष मधुसूदन त्रिपाठी, अभिमन्यु पांडेय, रवि प्रकाश शुक्ल, जितेंद्र घर दूबे, पद्माकर तिवारी, अशोक नारायण धर दूबे, प्रभात पांडेय, पीके दुबे, विपिन शुक्ला, सुभाष शुक्ल, गिरिजेश मणि त्रिपाठी, अजय कुमार शुक्ल और बलवंत शाही सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

मुआवजे की मांग

मृतक अधिवक्ताओं के परिवारों को एक-एक करोड़ मुआवजे की मांग

गोरखपुर। अधिवक्ताओं की मृत्यु के मामले में कांग्रेस ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई, मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और आवास के लिए जमीन देने की मांग की है। जिलाध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी और महानगर अध्यक्ष रवि प्रताप निषाद के नेतृत्व में टाउन हॉल स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थल पर कैंडल जला कर दिवंगत अधिवक्ताओं की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। यूपी कांग्रेस के उपाध्यक्ष विश्वविजय सिंह ने कहा कि हादसे के बाद समय पर एंबुलेंस और त्वरित चिकित्सा सुविधा नहीं मिलना भी दुर्भाग्यपूर्ण है। सोमवार को जारी संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में प्रदेश कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग के प्रदेश महासचिव अशोक कश्यप, फिशरमैन कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष बालमुकुंद चतुर्वेदी और प्रदेश महासचिव पिछड़ा वर्ग विभाग देवेंद्र कुमार निषाद धनुष ने भी गहरा दुख व्यक्त किया।

नियमित प्रश्न

✦दो वकीलों की अंतिम विदाई कब हुई?−
सोमवार को उनकी अंतिम विदाई विभिन्न स्थानों पर एक ही समय हुई।
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