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गोरखपुर

तीन हजार कामगारों ने ईपीएफ से दोबारा निकाले पांच करोड़

हिन्दुस्तान टीम,गोरखपुरPublished By: Newswrap
Mon, 14 Jun 2021 04:12 AM
तीन हजार कामगारों ने ईपीएफ से दोबारा निकाले पांच करोड़

गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता

कोरोना कर्फ्यू के एक माह के दौरान आर्थिक तंगी झेल रहे परिक्षेत्र के तीन हजार कामगारों ने घर खर्च चलाने और कोविड इलाज के मद में अपने ईपीएफ खाते से अग्रिम के तौर पर पांच करोड़ निकाले हैं। बताया जा रहा है कि इन कामगारों ने पिछले साल भी 72 दिन के लॉकडाउन के दौरान अपने ईपीएफ से अग्रिम धनराशि निकाली थी। दूसरी लहर के दौरान कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने सदस्यों को दोबारा ईपीएफ खाते से कोविड-19 अग्रिम लेने की सुविधा दी है।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने पिछले साल की शुरुआत में अपने सदस्यों को कोरोना महामारी के कारण आकस्मिक जरूरतों को पूरा करने के लिए पैसा निकालने की अनुमति दी। इसके तहत सदस्यों को तीन महीने के मूल वेतन (मूल वेतन + महंगाई भत्ता) या उनके भविष्य निधि खाते में जमा राशि का 75 प्रतिशत तक निकालने की अनुमति दी थी। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में लॉकडाउन के कारण शॉपिंग माल व औद्योगिक प्रतिष्ठान बंद होने से ईपीएफ सदस्य आर्थिक संकट झेल रहे थे। उनकी समस्या को देखते हुए श्रम मंत्रालय ने ईपीएफ खाते में जमा अंशदान को दोबारा निकालने की अनुमति दे दी। मई में निर्देश आने के बाद 40 दिन में गोरखपुर परिक्षेत्र के विभिन्न जनपदों के तीन हजार कामगारों ने ईपीएफ से अग्रिम निकालने को ऑनलाइन आवेदन किए। ईपीएफ अधिकारियों व कर्मचारियों ने भी सभी के क्लेम का निस्तारण वरीयता के आधार पर कर पांच करोड़ की राशि उनके बैंक खाते में भेज दी।

ईपीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि पहली मई से 10 जून तक ज्यादातार क्लेम ईपीएफ से दोबारा अग्रिम निकालने के लिए आए हैं। मई में आए सभी आवेदनों का निस्तारण हो चुका है। 10 जून तक आए आवेदन पत्रों का निस्तारण अंतिम चरण में है। सभी में कोविड काल में बिगड़ी आर्थिक स्थिति का उल्लेख है। कुछ आवेदनों में कोविड संक्रमण के इलाज के खर्च का भी उल्लेख है। एक प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी शैलेष ने बताया कि ईपीएफ में जमा रकम से घर खर्च चलाया। इतना ही नहीं, कोरोना के इलाज पर भी हजारों रुपये खर्च होने से कर्ज चढ़ गया था। ईपीएफ से अग्रिम राशि निकाल कर उससे कर्ज चुकाए हैं।

15 कामगारों की मौत के क्लेम आए

पहली मई से 10 जून तक गोरखपुर परिक्षेत्र के विभिन्न जनपदों से 15 कामगारों की मौत के क्लेम आए हैं। परिजनों के क्लेम की जांच पड़ताल कर उसका सेटलमेंट किया जा रहा है। इनके क्लेम की धनराशि करीब 50 लाख बनी है। फाइलों की जांच पड़ताल अंतिम चरण में है। इसके बाद सभी के नामिनी के खाते में यह राशि भेज दी जाएगी। इनमें से ज्यादातर मामले कोविड संक्रमण से मौत के है। अधिकारियों का कहना है कि क्लेम में मौत की वजह का उल्लेख नहीं है। हर माह मौत के दो से तीन क्लेम ही आते हैं। मई में 15 क्लेम आए है। ऐसे में सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि इनमें से कुछ मौतें कोविड संक्रमण से हुई होंगी।

बोले अफसर

ईपीएफ मुख्यालय ने कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर में ईपीएफ से दोबारा अग्रिम निकालने की सुविधा सदस्यों को देने के निर्देश दिए हैं। कोविड के तहत आने वाले ऑनलाइन आवेदन पत्रों का वरीयता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। ताकि आर्थिक संकट से परेशान कामगारों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होने पाए। आवेदकों के खाते में जल्द से जल्द रकम भेजने की कोशिश की जा रही है।

- मनीष मणि, आयुक्त, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, गोरखपुर

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