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बुलेट ट्रेन परियोजना में शामिल हो सकते हैं एनईआर के तीन अफसर

बुलेट ट्रेन परियोजना में शामिल हो सकते हैं एनईआर के तीन अफसर

आगामी दिनों में शुरू होने वाले बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में पूर्वोत्तर रेलवे के तीन अफसर शामिल हो सकते हैं। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए अभी तक जापान में पूरे देश से 200 अफसरों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

जापान में बुलेट ट्रेन की बारीकियां जानने के लिए जल्द ही अंतिम सातवां बैच भेजा जाना है। इस बैच में शामिल अधिकारियों को प्रशिक्षण पूरा हो जाने के बाद इस प्रोजेक्ट के लिए अफसरों की टीम बनाई जाएगी।

सूत्रों के अनुसार इस प्रोजेक्ट में पूर्वोत्तर रेलवे के तीन अफसर शामिल हो सकते हैं। तीनों अफसर जानाप जाकर 14-14 दिन का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। इनमें एक अफसर गोरखपुर मुख्यालय में तैनात हैं। गोरखपुर मुख्यालय के यांत्रिक कारखाना में बतौर डिप्टी सीएमई फणीन्द्र कुमार जापान में कुशलता से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं।

हाल ही में छठवें बैच के रूप में 40 अफसरों दल गया था जापान

बुलेट ट्रेन की तकनीक जानने और उसकी बारीकियां जानने के लिए हाल में पूरे देश से 40 अफसरों का दल जापान गया था जिसमें से गोरखपुर के मैकेनिकल वर्कशॉप में बतौर डिप्टी सीएमई तैनात फणीन्द्र कुमार भी शामिल थे। उन्होंने बताया कि हमदाबाद-मुम्बई रूट पर बुलेट प्रोजेक्ट पर काफी तेजी से काम चल रहा है। संभावना जताई जा रही है कि 2022 तक प्रोजेक्ट पूरा हो जाए। इसके बाद बुलेट ट्रेन योग्य मिले रूटों पर काम शुरू हो सकता है।

इस रूट के लिए भी शुरू होना है प्रोजेक्ट

बुलेट ट्रेन के बारे में

-जापान में सबसे पहले 1964 में चली थी बुलेट ट्रेन

-1964 से लेकर आज तक एक बार भी नहीं हुई दुर्घटना

-आगामी वर्षों में भारत में चलने वाली बुलेट ट्रेन का स्वरूप

-320 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी बुलेट

-एक ट्रेन में 10 कोच होंगे, हर कोच के पहिए में मोटर लगा होगा

-12000 हार्ष पॉवर की होगी बुलेट ट्रेन

-अहमदाबाद-मुम्बई तक दो घंटे में पूरी होगी 500 किलोमीटर की दूरी

-2500 रुपये होगा यहां का किराया

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  • Web Title:Three officers of NER will be in Bullet train project